समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अखिलेश यादव द्वारा एक्स (पूर्व ट्विटर) पर Mamata Banerjee और M. K. Stalin के साथ तस्वीर साझा करने के बाद INDIA गठबंधन के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं, इसी मुद्दे पर योगी सरकार में मंत्री Danish Azad Ansari ने बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का INDIA गठबंधन 2027 के चुनाव से पहले टूट जाएगा।
क्या बोले दानिश आजाद अंसारी?
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि अखिलेश यादव का “मुश्किलों में साथ न छोड़ने” वाला बयान सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी पर निशाना है। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान कांग्रेस कभी भी तृणमूल कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ी नहीं दिखाई दी, उन्होंने INDIA गठबंधन को “स्वार्थ का गठबंधन” बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें शामिल दल केवल अपने राजनीतिक फायदे के लिए साथ आए हैं, जनता के हित के लिए नहीं। मंत्री ने यह भी दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह गठबंधन पूरी तरह टूट जाएगा।
अखिलेश यादव की पोस्ट क्यों बनी चर्चा का विषय?
दरअसल, 8 मई को अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी और स्टालिन के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा था “हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें।”
अखिलेश की यह पोस्ट ऐसे समय आई जब तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। कांग्रेस ने पोस्ट-पोल समीकरणों के तहत अभिनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने के संकेत दिए हैं, हालांकि, सरकार गठन को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है क्योंकि बहुमत का आंकड़ा अभी उनके पक्ष में नहीं माना जा रहा।
तमिलनाडु और बंगाल की राजनीति का असर यूपी पर?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव की पोस्ट केवल समर्थन का संदेश नहीं बल्कि INDIA गठबंधन के भीतर चल रही अंदरूनी राजनीति की ओर भी इशारा करती है, एक तरफ कांग्रेस तमिलनाडु में नए राजनीतिक समीकरण तलाश रही है, वहीं पश्चिम बंगाल में टीएमसी के साथ उसके रिश्तों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में अखिलेश यादव की यह पोस्ट विपक्षी एकता पर नई बहस को जन्म दे रही है।
कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
अखिलेश यादव की पोस्ट और दानिश आजाद अंसारी के बयान पर अभी तक कांग्रेस हाईकमान या उत्तर प्रदेश कांग्रेस इकाई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आने वाले समय में INDIA गठबंधन के भीतर दरार और गहरी हो सकती है।






