उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के 2026 परीक्षा परिणाम इस बार महिला शक्ति की बड़ी मिसाल बनकर सामने आए हैं, कुल 94.30% सफलता दर के साथ छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें टॉप रैंक से लेकर पासिंग प्रतिशत तक हर स्तर पर बेटियों का दबदबा देखने को मिला, परिणाम जारी होने के बाद प्रदेश की सियासत और शिक्षा जगत में भी इस उपलब्धि की चर्चा तेज हो गई है।
दानिश आजाद अंसारी का बयान
अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि योगी सरकार प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से मुस्लिम बेटियों को शिक्षित कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि मदरसा शिक्षा केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि यहां पढ़ने वाले गरीब परिवारों के बच्चों को आधुनिक और बेहतर शिक्षा मिलना उनका अधिकार है, सरकार मदरसा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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वाराणसी की जुमी फरीन बनीं टॉपर
आलिम परीक्षा में इस बार टॉप-3 स्थानों पर छात्राओं ने कब्जा जमाया है। वाराणसी के मदरसा दैरातुल इस्लाह चिराग-ए-उलूम की छात्रा जुमी फरीन ने 82.60% अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, इसी मदरसे की शाइस्ता परवीन ने 82.40% अंक के साथ दूसरा स्थान पाया, जबकि अमरोहा की उम्मुल खैर ने भी 82.40% अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया, इसके अलावा वाराणसी की जैनबी हनिया ने 82% अंक के साथ पांचवां स्थान और फर्रुखाबाद की रेशमा ने 81.20% अंक हासिल कर टॉप-10 में अपनी जगह बनाई।
29 हजार से अधिक छात्राएं सफल
इस वर्ष मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा में कुल 55,788 छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं, जिनमें से 29,229 छात्राएं शामिल हैं, छात्राओं का कुल सफलता प्रतिशत 94.30% रहा है।
- सेकेंडरी (मुंशी/मौलवी) परीक्षा: 21,407 छात्राएं पास (91.46% सफलता दर)
- सीनियर सेकेंडरी (आलिम) परीक्षा: 7,822 छात्राएं पास (90.88% सफलता दर)
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश में बेटियों की शिक्षा और भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।
गोरखपुर, कुशीनगर और लखनऊ की छात्राओं ने भी बढ़ाया मान
सेकेंडरी परीक्षा में भी छात्राओं ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
- गोरखपुर की शाइमा परवीन – 89.33% (तीसरा स्थान)
- कुशीनगर की सिद्दीका खातून – 88.50% (पांचवां स्थान)
- गोरखपुर की रुखसार बानो – 88.17% (छठा स्थान)
- कुशीनगर की शकिला खातून – 87.83% (नौवां स्थान)
- लखनऊ की सानिया – 87.83% (दसवां स्थान) शिक्षा और बदलाव की नई तस्वीर
मदरसा बोर्ड के इस रिजल्ट ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सही शिक्षा व्यवस्था और अवसर मिलने पर छात्राएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। ग्रामीण और अल्पसंख्यक क्षेत्रों की बेटियों का यह प्रदर्शन भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, कुल मिलाकर, यह परिणाम न केवल शैक्षिक उपलब्धि है, बल्कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा के बदलते स्वरूप और महिला सशक्तिकरण की मजबूत तस्वीर भी पेश करता है।






