मां गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आई। सोमवार सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही हर की पौड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य कर सुख-समृद्धि की कामना की। गंगा घाटों पर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
धर्मनगरी के मंदिरों और आश्रमों में भी विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। वहीं पावन धाम आश्रम में गंगा दशहरा पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। यहां मां गंगा की विशेष पूजा कर भोग अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
पावन धाम आश्रम के महासचिव अंशुल श्री कुंज ने बताया कि पतित पावनी मां गंगा का अवतरण दिवस पूरे देश में महापर्व के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सुबह से ही लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं और पूरी धर्मनगरी भक्ति के रंग में रंगी हुई है।
उन्होंने बताया कि पावन धाम में मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना के साथ भोग अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंशुल श्री कुंज ने कहा कि गंगा दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है, जो लोगों को धर्म और आस्था से जोड़ने का कार्य करता है।





