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प्रेमानंद जी महाराज की भावुक अपील: “मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा”, तबीयत बिगड़ने के बाद 9 दिन से पदयात्रा बंद

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प्रेमानंद जी महाराज ने अपनी खराब तबीयत के बीच भक्तों से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा, “मैं रहूं न रहूं, हमेशा आपके साथ रहूंगा। मेरी चिंता छोड़िए और श्रीजी का ध्यान लगाइए।”स्वास्थ्य खराब होने के कारण पिछले 9 दिनों से उनकी नियमित पदयात्रा बंद है। इस खबर के बाद उनके भक्तों और श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल बना हुआ है।

भक्तों से कहा – श्रीजी में मन लगाइए

प्रेमानंद जी महाराज ने अपने संदेश में भक्तों से कहा कि व्यक्ति का शरीर नश्वर है, लेकिन भक्ति और भगवान से जुड़ाव हमेशा स्थायी रहता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे उनकी चिंता करने के बजाय श्रीजी की भक्ति और नाम स्मरण में मन लगाएं।उनकी इस भावुक अपील ने लाखों भक्तों को भावुक कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी उनके संदेश को लेकर श्रद्धालु लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

9 दिनों से बंद है पदयात्रा

बताया जा रहा है कि तबीयत खराब होने की वजह से प्रेमानंद जी महाराज पिछले 9 दिनों से पदयात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उनकी नियमित पदयात्रा और सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।भक्तों का कहना है कि महाराज जी की पदयात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत है।

श्रद्धालुओं में बढ़ी चिंता

वृंदावन समेत देशभर से जुड़े श्रद्धालु उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। कई भक्त सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।प्रेमानंद जी महाराज की कथाएं और भक्ति संदेश युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में बेहद लोकप्रिय हैं। उनकी सरल वाणी और भक्ति भाव ने लाखों लोगों को आध्यात्मिक मार्ग से जोड़ा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ संदेश

प्रेमानंद जी का “मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा” वाला संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भक्त इसे गुरु और शिष्य के बीच गहरे आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक मान रहे हैं।लोगों का कहना है कि प्रेमानंद जी महाराज हमेशा लोगों को भगवान की भक्ति, सेवा और सकारात्मक जीवन का संदेश देते रहे हैं।

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