उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कलां इलाके में स्थित कथित राजा कंस किले को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। इस मामले में अब मौलाना जमील अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग उठी है।लाखन आर्मी ने प्रशासन को पत्र लिखकर मौलाना पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने आरोप लगाया है कि किले परिसर में अवैध मदरसा चलाया जा रहा था और वहां धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
नट समाज के बच्चों के ब्रेनवॉश का आरोप
लाखन आर्मी ने मौलाना जमील अहमद पर नट समाज के करीब 20 बच्चों का कथित रूप से ब्रेनवॉश करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि बच्चों को प्रभावित कर धार्मिक गतिविधियों की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही थी।इसके साथ ही मौलाना पर धर्मांतरण के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है। संगठन ने पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अवैध मदरसा चलाने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि बिना मान्यता के सुलेमानिया मदरसा संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि राजा कंस किले जैसे ऐतिहासिक स्थल पर नमाज और अन्य धार्मिक गतिविधियां शुरू कर क्षेत्र का माहौल प्रभावित किया जा रहा था।लाखन आर्मी ने प्रशासन से कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए ताकि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बना रहे।
मलिहाबाद थाने में दी गई तहरीर
मामले को लेकर संगठन ने मलिहाबाद थाने में तहरीर दी है। शिकायत में कहा गया है कि मौलाना जमील अहमद सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं।फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। अभी तक प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
किले को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
बताया जा रहा है कि कसमंडी कलां इलाके के पुराने किले को लेकर विवाद पहले भी सामने आ चुका है। बीते दिनों कुछ हिंदूवादी संगठन पूजा की थाली लेकर स्थल पर पहुंचे थे, हालांकि पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया था।इसके बाद कार्यकर्ताओं ने किले की ओर मुख करके आरती की। अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने दावा किया था कि यह मस्जिद नहीं बल्कि राजा कंसा पासी का ऐतिहासिक किला है।
बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन सतर्क
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बकरीद की नमाज पर रोक लगाने का फैसला लिया था। इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हैं, जबकि प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहा है।






