लखनऊ। राजधानी लखनऊ में भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और गौरवशाली इतिहास को समर्पित नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण शनिवार को किया गया। करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित इस परियोजना का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर नौसेना बैंड की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा किसी भी देश के विकास और समृद्धि की आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति अहिंसा का संदेश देती है, लेकिन राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए आवश्यक होने पर कठोर कदम उठाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सैनिकों के समर्पण और त्याग के कारण ही देश के नागरिक सुरक्षित जीवन जी पाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी। यहां आने वाले लोगों को भारतीय नौसेना के इतिहास, उसके साहसिक अभियानों और देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में निभाई गई भूमिका की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की भावना मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही विकास और निवेश की संभावनाएं बढ़ती हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख चौराहों पर सेना के निष्प्रयोज्य टैंक और सैन्य उपकरण स्थापित करने का सुझाव भी दिया। उनका मानना है कि इससे युवाओं में सेना के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को और बल मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नौसेना अध्यक्ष और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गोमती नदी के तट पर स्थापित यह केंद्र आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस गोमती को सेवा निवृत्ति के बाद इसी परिसर में स्थापित किया गया है, जो नौसेना की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है।






