Home Bihar राम भक्तों के लिए बड़ी सौगात, अयोध्या से जनकपुर तक बनेगा फोरलेन...

राम भक्तों के लिए बड़ी सौगात, अयोध्या से जनकपुर तक बनेगा फोरलेन राम-जानकी मार्ग, 5 घंटे में पूरी होगी यात्रा

45
0

अयोध्या/सीतामढ़ी। भगवान राम की नगरी अयोध्या और माता सीता से जुड़े पवित्र स्थलों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी राम-जानकी मार्ग परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इस फोरलेन हाईवे के निर्माण के बाद श्रद्धालु अयोध्या से सीतामढ़ी और नेपाल के जनकपुर तक पहले की तुलना में कहीं अधिक कम समय में पहुंच सकेंगे। परियोजना पूरी होने के बाद अयोध्या से जनकपुर की यात्रा न केवल आसान होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।

राम-जानकी मार्ग को केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम की बारात अयोध्या से जनकपुर इसी मार्ग से होकर गई थी। अब इसी ऐतिहासिक मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से लैस फोरलेन सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे रामायण सर्किट को मजबूती मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

वर्तमान समय में अयोध्या से जनकपुर की दूरी लगभग 459 किलोमीटर है, जिसे तय करने में करीब 14 से 15 घंटे का समय लग जाता है। लेकिन राम-जानकी मार्ग बनने के बाद यह दूरी घटकर करीब 369 किलोमीटर रह जाएगी। बेहतर सड़क और आधुनिक यातायात सुविधाओं के चलते यात्रा का समय भी काफी कम होकर लगभग 5 घंटे तक सिमट सकता है। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

करीब 240 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के निर्माण पर लगभग 6155 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सड़क बनने के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।

यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए इस मार्ग पर चार प्रमुख बाईपास विकसित किए जाएंगे। इनमें सीवान, तरवारा, बसंतपुर और मशरख बाईपास शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक बड़े पुल, 14 छोटे पुलों, 15 अंडरपास, एक रेलवे ओवरब्रिज तथा दो ग्रेड सेपरेटर का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन सुविधाओं से यातायात बाधारहित होगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।

राम-जानकी मार्ग अयोध्या से शुरू होकर उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा, सीवान, सारण, मशरख, शिवहर और सीतामढ़ी होते हुए नेपाल के जनकपुर तक पहुंचेगा। इस परियोजना से बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। व्यापार, परिवहन और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मार्ग भारत और नेपाल के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा। माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी और जनकपुर को अयोध्या से सीधे जोड़ने वाली यह परियोजना श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक कॉरिडोर साबित होगी। इसके पूरा होने के बाद राम भक्त एक ही यात्रा में अयोध्या, सीतामढ़ी और जनकपुर के दर्शन आसानी से कर सकेंगे, जिससे धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।