लखनऊ, 3 जून। उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विश्व बैंक समर्थित उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (UPCAMP) अथॉरिटी और 15 क्षेत्रीय ज्ञान केंद्रों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में यह समझौता राज्य में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और हरित कौशल बल के विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया।
एमओयू के तहत अगले पांच वर्षों में हजारों युवाओं को हरित कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी अधिकारियों, स्थानीय निकायों और समुदायों के लिए नियमित क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा। इस पहल से प्रदेश में हरित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने की। इस अवसर पर UPCAMP की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. चंद्रकला ने प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, आईआईटी दिल्ली, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, आईआईटी रुड़की, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज समेत 15 क्षेत्रीय ज्ञान केंद्र शामिल हैं।
UPCAMP के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद राहिब ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह साझेदारी राज्य में शोध, नवाचार और सर्वोत्तम पर्यावरणीय प्रथाओं को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि ज्ञान केंद्रों की भागीदारी से पूरे प्रदेश में हरित अर्थव्यवस्था के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
एमओयू के प्रमुख उद्देश्यों में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर क्षमता निर्माण, युवाओं को हरित रोजगार के लिए तैयार करना और शोध व नवाचार के माध्यम से ज्ञान साझाकरण को बढ़ावा देना शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को वायु प्रदूषण से निपटने और हरित विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






