बिहार की राजधानी पटना में चर्चित शिक्षक खान सर की कोचिंग संस्थान पर हुए कथित हमले के मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग हथियार में गोली लोड करते और हवाई फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे लोग खान सर की सुरक्षा टीम से जुड़े हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक समेत तीन गिरफ्तार
मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ज्ञान बिंदु’ कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों अभिषेक तथा गौरव को गिरफ्तार किया है। बुधवार को तीनों को पटना सिविल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजने का आदेश दिया।
कोर्ट में पेशी से पहले तीनों आरोपियों का एलएनजेपी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी पर क्या बोले रौशन आनंद?
गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद ने खुद को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले को साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि घटना स्थल पर गोलीबारी की पुष्टि नहीं हुई है। उनके मुताबिक, उन्हें और उनकी संस्था को बदनाम करने के उद्देश्य से यह विवाद खड़ा किया गया है।
रौशन आनंद ने कहा कि वह गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और किडनी के मरीज हैं। उन्होंने दावा किया कि घटना की उन्हें कोई प्रत्यक्ष जानकारी नहीं थी और उनका इससे कोई संबंध नहीं है।
गार्ड से मारपीट के बाद बढ़ा विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत खान सर की कोचिंग के एक सुरक्षाकर्मी के साथ हुई मारपीट से हुई थी। आरोप है कि कुछ लोगों ने कोचिंग परिसर में घुसकर गार्ड के साथ मारपीट की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की और कई अहम सबूत जुटाए।
जांच के सभी पहलुओं पर नजर
वायरल वीडियो और घटना से जुड़े विभिन्न दावों के बीच पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता, कथित फायरिंग और घटना के पीछे की वजहों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
फिलहाल इस घटनाक्रम ने पटना के शैक्षणिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है और सभी की नजरें पुलिस जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं।






