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बिहार दौरे पर RSS प्रमुख मोहन भागवत, शताब्दी वर्ष अभियान के बीच संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन दिवसीय बिहार दौरे पर मुंगेर पहुंचे हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत उनका यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुंगेर के पुरानीगंज स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग में मोहन भागवत स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे। इस प्रशिक्षण शिविर में बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से आए 700 से अधिक स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं।

नेतृत्व और संगठन निर्माण पर जोर

संघ के अनुसार, शिक्षा वर्ग का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, संगठनात्मक कौशल को मजबूत बनाना और समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करना है।

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अनुशासन, सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण, सेवा कार्य और संगठन विस्तार जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। संघ का मानना है कि ऐसे वर्गों के माध्यम से प्रशिक्षित कार्यकर्ता समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक योगदान देने के लिए तैयार होते हैं।

क्यों अहम माना जा रहा है यह दौरा?

राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों की नजर भी मोहन भागवत के इस दौरे पर टिकी हुई है। उनका मानना है कि बिहार का अंग क्षेत्र, जिसमें मुंगेर और भागलपुर जैसे जिले शामिल हैं, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से हमेशा महत्वपूर्ण रहा है।

ऐसे में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान सरसंघचालक का इस क्षेत्र में आना संगठन की भावी रणनीति और जनसंपर्क अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वयंसेवकों से करेंगे संवाद

तीन दिनों के प्रवास के दौरान मोहन भागवत सामाजिक समरसता, युवा सहभागिता, संगठन विस्तार और राष्ट्र सेवा जैसे विषयों पर स्वयंसेवकों से संवाद करेंगे। माना जा रहा है कि प्रशिक्षण प्राप्त स्वयंसेवक आगे चलकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संघ की गतिविधियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

संघ प्रमुख के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

शताब्दी वर्ष अभियान पर नजर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। ऐसे में मोहन भागवत का यह दौरा केवल एक प्रशिक्षण शिविर तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे संगठन के विस्तार, सामाजिक पहुंच बढ़ाने और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।

अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि शताब्दी वर्ष के इस विशेष अभियान के दौरान संघ बिहार और झारखंड में अपने संगठनात्मक और सामाजिक प्रभाव को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।