पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष और संभावित टूट की चर्चाओं के बीच पार्टी के 16 सांसदों ने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की बैठक में व्यस्त थीं।
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जानकारी के मुताबिक, सांसदों के इस समूह का नेतृत्व सुखेंदु शेखर रॉय और काकोली दस्तीदार कर रहे हैं। बैठक के बाद यह गुट केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास भी पहुंचा, जहां आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की खबर है। इस मुलाकात ने बंगाल की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।सूत्रों के अनुसार, इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की है। मुलाकात करने वाले नेताओं में काकोली दस्तीदार, पार्थ भौमिक, जगदीश बसुनिया, देव, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी, कालिपदा सोरेन, अरूप चक्रवर्ती, असित मल, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रसून बनर्जी, प्रतिमा मंडल और बापा हलीदार समेत कई नाम शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी TMC के कुछ सांसदों ने दिल्ली में एक गोपनीय बैठक की थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह गुट आगे की रणनीति तय करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सकता है या फिर सामूहिक रूप से कोई बड़ा कदम उठा सकता है।इस बीच, हाल ही में राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर रॉय ने भी पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक संगठन को मजबूत करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई, जबकि विवादित और भ्रष्ट छवि वाले लोगों को महत्व दिया गया।उधर, पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में सांसदों की यह बैठक ममता बनर्जी और TMC नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौती के रूप में देखी जा रही है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।






