लखनऊ, 17 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें आत्म अनुशासन, जनसेवा और तकनीकी दक्षता के साथ कार्य करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो रहे सभी युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने वाले सारथी हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी के दौरान रील बनाना या ऐसा कोई कार्य करना जो पुलिस की गरिमा को प्रभावित करे, अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पुलिसकर्मियों को हमेशा अपने दायित्वों के प्रति सजग और गंभीर रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में यूपी पुलिस ने जनसेवा और सुशासन को केंद्र में रखकर कार्य किया है, जिसके कारण उसकी देशभर में नई पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि आज यूपी पुलिस केवल संख्या बल के कारण नहीं, बल्कि अपनी कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई के लिए जानी जाती है। नवचयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपने अभिभावकों और गुरुजनों से 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की स्थिति के बारे में पूछें। उस समय प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक थी, आए दिन दंगे होते थे और त्योहारों के दौरान कर्फ्यू लगना आम बात थी। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कहीं भी कर्फ्यू लगाने की नौबत नहीं आई है और हर नागरिक को सुरक्षा का माहौल मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1972 से लंबित पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को उनकी सरकार ने लागू किया और वर्तमान में सात जिलों में यह व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह पुलिस सुधारों की दिशा में बड़ा कदम है और इससे आम नागरिकों को बेहतर सुरक्षा और सेवाएं मिली हैं।सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। पिछले नौ वर्षों में बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के करीब सवा दो लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में 35 हजार पुलिस आरक्षियों की भर्ती परीक्षा में 28 लाख युवाओं ने भाग लिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को आधुनिक तकनीक और बेहतर आधारभूत सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। प्रदेश में फॉरेंसिक लैब की संख्या चार से बढ़कर 12 हो चुकी है, जबकि छह नई अत्याधुनिक लैब निर्माणाधीन हैं। सभी 75 जिलों में साइबर थाना और साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। साथ ही प्रत्येक जिले में मोबाइल फॉरेंसिक वैन भी उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पुलिसकर्मियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलती थीं, लेकिन आज 56 जिलों में आधुनिक हाईराइज पुलिस बैरकों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश अब रेंग नहीं रहा, बल्कि तेज गति से विकास की ओर दौड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर लगातार बढ़े हैं। वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश में लगभग 14 हजार बड़े उद्योग थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 32 हजार से अधिक हो गई है। इसके अलावा 96 लाख एमएसएमई इकाइयों ने लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। नवचयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती से लेकर नियुक्ति तक पूरी प्रक्रिया मेरिट के आधार पर हुई है। ऐसे में सरकार की उनसे केवल यही अपेक्षा है कि वे पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तथा जनता के विश्वास को मजबूत करें।






