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लखनऊ को मिलेगी दूसरी एलिवेटेड रोड की सौगात, अमौसी एयरपोर्ट से कमता तक सफर होगा सिग्नल-फ्री

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहीद पथ पर वाहनों की बढ़ती संख्या और लगातार लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए करीब 22 से 23 किलोमीटर लंबी नई फोरलेन एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर लखनऊ के सांसद एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अपनी संस्तुति भेजी है। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। गुरुवार को सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार से मुलाकात कर परियोजना पर विस्तार से चर्चा की।

एलडीए के अनुसार प्रस्तावित एलिवेटेड रोड बनने के बाद कानपुर रोड स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (अमौसी) से लेकर अयोध्या रोड स्थित कमता चौराहे तक का सफर पूरी तरह सिग्नल-फ्री हो जाएगा। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।

इकाना और लुलु मॉल जाने वालों को मिलेगी राहत

नई एलिवेटेड रोड का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो नियमित रूप से इकाना स्टेडियम, सुल्तानपुर रोड, लुलु मॉल और आसपास के क्षेत्रों में आते-जाते हैं। वर्तमान में क्रिकेट मैच, बड़े आयोजनों और सप्ताहांत के दौरान इस मार्ग पर भारी जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार वाहनों की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक पहुंच जाती हैं।

एलिवेटेड रोड के निर्माण के बाद ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होने और केंद्र सरकार से बजट मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

डबल डेकर एलिवेटेड रोड वाला पहला शहर बनेगा लखनऊ

यह परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन जाएगा, जहां डबल डेकर एलिवेटेड रोड की सुविधा होगी। सांसद प्रतिनिधि के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने परियोजना की व्यवहारिकता और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन शुरू कर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने का काम करेगी और राजधानी के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

क्यों जरूरी है यह परियोजना?

लखनऊ में वाहनों की संख्या हर वर्ष लगभग 8 से 10 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। अमौसी एयरपोर्ट से कमता तक के मार्ग पर प्रतिदिन दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा आउटर रिंग रोड और किसान पथ से जुड़ाव के कारण इस कॉरिडोर का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नई एलिवेटेड रोड को भविष्य की जरूरत के रूप में देखा जा रहा है।

गोमती नदी में बनेगा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट

इसी बीच लखनऊवासियों के लिए एक और आकर्षक परियोजना की तैयारी भी शुरू हो गई है। गोमती नदी में जल्द ही फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा विकसित की जाएगी। जल परिवहन प्राधिकरण ने इस परियोजना की जिम्मेदारी एलडीए को सौंपी है।

करीब 100 लोगों की क्षमता वाले इस फ्लोटिंग रेस्टोरेंट पर लगभग चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले चरण में 2.81 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। एलडीए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण एजेंसी का चयन करेगा। परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ में पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।