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ऑपरेशन वज्रपात: योगी सरकार का डिजिटल एक्शन, 554 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर गिरी गाज, माफियाओं में मचा हड़कंप

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लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ योगी सरकार ने अब डिजिटल मोर्चे पर भी बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। वाराणसी रेंज पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन वज्रपात” के तहत अपराधियों और गैंगस्टरों के महिमामंडन में इस्तेमाल हो रहे 554 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई है। इस अभियान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के विजन का नया अध्याय माना जा रहा है।जहां एक ओर राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर यूपी पुलिस अपराधियों के भौतिक नेटवर्क के साथ-साथ उनके डिजिटल साम्राज्य पर भी लगातार प्रहार कर रही है।

क्या है ऑपरेशन वज्रपात?

ऑपरेशन वज्रपात वाराणसी रेंज पुलिस का एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य अपराधियों, गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों के डिजिटल नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इस अभियान की निगरानी डीआईजी वैभव कृष्ण कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार कई अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल—

  • हथियारों का प्रदर्शन करने,
  • गैंग का प्रचार करने,
  • धमकी भरे संदेश फैलाने,
  • और समाज में भय का माहौल बनाने

के लिए कर रहे थे।

इसी को देखते हुए डिजिटल स्तर पर व्यापक कार्रवाई शुरू की गई।

554 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई

ऑपरेशन वज्रपात के तहत पुलिस ने तीन जिलों में बड़ी कार्रवाई की।

हटाए गए अकाउंट्स का विवरण:

  • गाजीपुर: 250 अकाउंट
  • जौनपुर: 192 अकाउंट
  • चंदौली: 112 अकाउंट

कुल मिलाकर 554 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को हटवाया गया, जिनका इस्तेमाल अपराधियों के प्रचार-प्रसार और भय का वातावरण बनाने के लिए किया जा रहा था।

165 गैंग और 1080 अपराधी पुलिस के रडार पर

ऑपरेशन के पहले चरण में पुलिस ने व्यापक इंटेलिजेंस सर्वे किया। इस दौरान—

  • 165 अपराधी गिरोहों
  • और 1080 सक्रिय अपराधियों

की पहचान की गई।

इन सभी का विस्तृत डोजियर तैयार किया गया है, जिसमें उनके आपराधिक इतिहास के साथ-साथ सोशल मीडिया गतिविधियों का भी रिकॉर्ड शामिल है।

अपराधियों पर दोहरी रणनीति

यूपी पुलिस ने इस अभियान में दोहरी रणनीति अपनाई है।

मुख्यधारा में लौटने वालों को मौका

जो छोटे अपराधी अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं, उनकी काउंसलिंग की जा रही है।

आदतन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई

वहीं जो अपराधी लगातार गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं, उनके खिलाफ—

  • एफआईआर
  • गैंगस्टर एक्ट
  • गुंडा नियंत्रण अधिनियम
  • और अन्य कानूनी धाराओं

के तहत कार्रवाई तेज कर दी गई है।

अवैध संपत्तियों पर भी नजर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।इसी क्रम में प्रशासन द्वारा अपराधियों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया भी जारी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि पीड़ित भय के कारण शिकायत नहीं कर पा रहे हैं, तो प्रशासन स्वयं संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करे।

डिजिटल दुनिया में भी अपराधियों के लिए खतरे की घंटी

विशेषज्ञों का मानना है कि पहली बार अपराधियों के भौतिक नेटवर्क के साथ-साथ उनके डिजिटल प्रभाव को भी व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया जा रहा है।सोशल मीडिया के माध्यम से अपराधियों द्वारा बनाई गई छवि, भय और प्रभाव को खत्म करने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

योगी सरकार का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि “2017 के बाद का उत्तर प्रदेश अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं है।”सरकार का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, चाहे उनका नेटवर्क जमीन पर हो या सोशल मीडिया पर।

पूर्वांचल में चर्चा का विषय बना ऑपरेशन वज्रपात

गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली जैसे जिलों में इस कार्रवाई के बाद ऑपरेशन वज्रपात चर्चा का विषय बना हुआ है। समर्थकों का मानना है कि यह अभियान अपराधियों के मनोबल को तोड़ने और कानून का भय स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।