अयोध्या स्थित राम मंदिर को कथित तौर पर निशाना बनाने की साजिश से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने एक युवक को कर्नाटक से हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का रहने वाला यह युवक संदिग्ध गतिविधियों के कारण उनके रडार पर था। मामले की जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिरासत में लिया गया युवक सुहैल सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र के लखनौती गांव का निवासी बताया जा रहा है। वह पिछले कुछ समय से कर्नाटक के दावणगेरे में रहकर पेंटिंग का काम कर रहा था। जांच एजेंसियों ने उसे वहीं से हिरासत में लिया और उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा संपर्कों की जांच शुरू कर दी है।
15 दिनों में तीसरी गिरफ्तारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक में पिछले पंद्रह दिनों के भीतर किसी संदिग्ध आतंकी गतिविधि से जुड़े मामले में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 4 जून को दो अन्य संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें दावणगेरे से जमीर खान और तुमकुरु से अल्ला बख्श को हिरासत में लिया गया था।
हालांकि राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने फिलहाल इन मामलों के बीच सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि जांच के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क का दावा
जांच से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि प्रारंभिक पड़ताल में सुहैल के कुछ विदेशी संपर्क सामने आए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वह कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से संदिग्ध तत्वों के संपर्क में आया था। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इन संपर्कों की प्रकृति क्या थी और क्या किसी प्रकार की साजिश रची जा रही थी।
दावणगेरे के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवक के डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। साथ ही उसके संपर्क में रहे लोगों की पहचान करने का प्रयास भी जारी है।
मोबाइल फोन से मिले कथित सबूत
जांच एजेंसियों के अनुसार, युवक के मोबाइल फोन से कुछ ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं जिनकी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि फोन में कुछ विदेशी नंबर, संदिग्ध चैट ग्रुप, ऑडियो क्लिप और हथियारों के साथ तस्वीरें मिली हैं। हालांकि इन सामग्रियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि और फॉरेंसिक सत्यापन अभी बाकी है।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, लेकिन जांच एजेंसियां फिलहाल पूरे मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से बच रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
यूपी पुलिस को भी भेजी गई जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस को भी संबंधित जानकारी साझा की है। सहारनपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां युवक की पृष्ठभूमि, उसके संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या फिर मामला सीमित स्तर तक ही था। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक के खिलाफ सामने आए आरोपों में कितनी सच्चाई है और उसके कथित संपर्कों की वास्तविक प्रकृति क्या थी।






