एक तरफ जहां राम मंदिर में चोरी हुआ तो दूसरी तरफ भगवान राम और हनुमान जी के लिए यूपी में अभद्र भाषा का प्रयोग हो रहा है वह भी योगी और मोदी के राज में राजनीतिक सूत्र कहते हैं कि यह सब हिंदू और सनातन प्रेमी इसलिए सुन रहा है क्योंकि बीजेपी वोट बैंक के चक्कर में स्वामी प्रसाद मौर्य और रावण जैसे नेताओं को छूट दे रखी है पहले राम मंदिर में चोरी और फिर महाकाल की नगरी में जमीन की लूट और अब भगवान श्री राम और हनुमान जी के शक्ति को सनातन विरोधी ललकार रहे हैं.
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राम मंदिर में चोरी के बाद सबसे पहले चंद्र शेखर का बयान आता है,,चंद्र शेखर अपने बयान में कहते हुए नजर आते है अगर भगवन वहां होते तो चोरी नहीं होतो वहां सिर्फ लूटने का काम चल रहा है उसके बाद स्वामी ने सोचा कि में कैसे पीछे रह जाओ तो स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी ने कहा- करोड़ों, करोड़ों रुपया लुटेरे लूट ले गए, राम के मंदिर से लूट ले गए, राम के दरबार से लूट ले गए, चांदी और सोना भी उड़ा ले गए लेकिन ओ भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाया तो आप का भला क्या कर सकता है? जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता ओ आप की रक्षा क्या कर सकता है? सवाल उठाता है.स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयान पर अयोध्या के संत विष्णु दास महाराज ने सख्त चेतावनी दी है और विष्णु दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले व्यक्ति को 5 लाख रुपये का इनाम देना का ऐलान किया है. संत विष्णु दास ने कहा है क स्वामी प्रसाद मौर्य सनातन और संस्कृति का विरोधी है, जीभ कटने के बाद ही यह शांत होगा. राम मंदिर राम भक्तों का मंदिर है और स्वामी प्रसाद मौर्य राम भक्त नहीं है, वो संस्कृति और सनातन का दुश्मन है.लेकिन अब यहाँ सवाल उठता है आखिर जो बीजेपी राम का नाम लेकर सत्ता में आई आज वह चुपचाप भगवन राम और देवी देवताओं के खिलाफ बोलने वालों करवाई क्यों नहीं कर रही है ,,,






