चित्रकूट। उत्तर प्रदेश सरकार की अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी. हेकाली ज़ीमोमी ने चित्रकूट जनपद का दौरा कर पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन विकास और आगामी वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा
दौरे की शुरुआत में प्रधान सचिव ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मंडलीय समीक्षा बैठक की। बैठक में आगामी वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों, पौधों की उपलब्धता, जियो-टैगिंग और संरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की गई।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि उनका सर्वाइवल रेट (जीवित रहने की दर) भी बेहतर होना चाहिए। इसके लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
रानीपुर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी कर लिया सुरक्षा का जायजा
बैठक के बाद प्रधान सचिव रानीपुर टाइगर रिजर्व (RTR) पहुंचीं, जहां उन्होंने जंगल सफारी कर वन्यजीव संरक्षण और पर्यटक सुविधाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने:
- वन्यजीवों के पेयजल स्रोतों का जायजा लिया।
- ट्रैकिंग कैमरों और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की।
- ‘चौरी’ क्षेत्र तक जंगल सफारी कर सफारी ट्रैक की स्थिति देखी।
- पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों का मूल्यांकन किया।
उन्होंने वन विभाग को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए।
यूपी के पहले ग्लास स्काईवॉक ब्रिज का किया औचक निरीक्षण
दौरे के दौरान प्रधान सचिव ने मारकुंडी रेंज के टिकरिया (तुलसी जलप्रपात) स्थित उत्तर प्रदेश के पहले ग्लास स्काईवॉक ब्रिज का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे।उन्होंने ब्रिज की मजबूती, सुरक्षा मानकों, पर्यटकों की आवाजाही और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से निरीक्षण किया।निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शेष फिनिशिंग कार्य युद्धस्तर पर जल्द से जल्द पूरे किए जाएं।
जल्द पर्यटकों के लिए खुलेगा ग्लास स्काईवॉक ब्रिज
प्रधान सचिव ने कहा कि ग्लास स्काईवॉक ब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है। सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कार्य पूरे होने के बाद इसे शीघ्र ही आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से:
- चित्रकूट में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
- देशभर से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
- स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
- पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास पर सरकार का विशेष फोकस
प्रधान सचिव वी. हेकाली ज़ीमोमी के इस दौरे से स्पष्ट संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश सरकार चित्रकूट को पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक-ईको पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। वृक्षारोपण अभियान, रानीपुर टाइगर रिजर्व का संरक्षण और ग्लास स्काईवॉक ब्रिज जैसी परियोजनाएं चित्रकूट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।






