गाजियाबाद: बढ़ती गर्मी, धूल और वायु प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने एक नई पहल शुरू की है। शहर के प्रमुख मार्ग हिंडन एयरपोर्ट रोड पर अत्याधुनिक वाटर मिस्ट सिस्टम (Water Mist System) लगाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 2.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।इस योजना का उद्देश्य सड़क पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना, स्थानीय स्तर पर प्रदूषण कम करना और भीषण गर्मी के दौरान राहगीरों को राहत प्रदान करना है।
क्या है वाटर मिस्ट सिस्टम?
नगर निगम की योजना के तहत सड़क किनारे विशेष उपकरण लगाए जाएंगे, जो लगातार पानी की बेहद महीन फुहार (Water Mist) छोड़ेंगे। ये सूक्ष्म जल कण हवा में मौजूद धूल को नीचे बैठाने में मदद करेंगे और आसपास के वातावरण को अपेक्षाकृत ठंडा बनाएंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक से व्यस्त सड़कों पर धूल नियंत्रण के साथ-साथ हीट वेव के प्रभाव को भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
हिंडन एयरपोर्ट रोड पर बनेगा पायलट प्रोजेक्ट
नगर निगम के अनुसार यह परियोजना हिंडन एयरफोर्स स्टेशन गोल चक्कर से सिकंदरपुर चौराहे तक लागू की जाएगी। लगभग एक-एक किलोमीटर के दो हिस्सों में वाटर मिस्ट सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। हिंडन एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का भी इस मार्ग पर लगातार आवागमन रहता है।
सड़क के साथ होगा सौंदर्यीकरण भी
इस परियोजना में केवल प्रदूषण नियंत्रण ही नहीं बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।योजना के तहत सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों पर आकर्षक डिजाइन, सजावटी संरचनाएं और कलात्मक इंस्टॉलेशन लगाए जाएंगे। इन्हीं संरचनाओं के भीतर वाटर मिस्ट सिस्टम फिट किए जाएंगे।रात के समय इन संरचनाओं को रंगीन एलईडी लाइटों से रोशन किया जाएगा, जिससे हिंडन एयरपोर्ट रोड की खूबसूरती और अधिक बढ़ेगी।
धूल और वायु प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
गाजियाबाद लंबे समय से देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा है। गर्मियों के दौरान सड़क की धूल और वाहनों से निकलने वाले कण वायु गुणवत्ता को और खराब कर देते हैं।नगर निगम का मानना है कि वाटर मिस्ट सिस्टम के जरिए सड़क की धूल को नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रदूषण में कमी आएगी। हालांकि यह पूरे शहर की वायु गुणवत्ता का समाधान नहीं होगा, लेकिन व्यस्त मार्गों पर इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
भीषण गर्मी में राहगीरों को मिलेगी राहत
एनसीआर क्षेत्र में लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव के बीच यह परियोजना आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बन सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की महीन फुहार आसपास के वातावरण का तापमान कुछ हद तक कम महसूस कराती है, जिससे खुले स्थानों पर चलने वाले लोगों को गर्मी से राहत मिलती है।
शासन से मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए शासन स्तर से बजट स्वीकृत हो चुका है। अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद चयनित एजेंसी द्वारा वाटर मिस्ट सिस्टम लगाने का कार्य शुरू होगा।जलकल विभाग के महाप्रबंधक केपी आनंद के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना, प्रदूषण कम करना और आम नागरिकों को गर्मी से राहत प्रदान करना है।
गाजियाबाद में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में अहम कदम
नगर निगम की यह पहल केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे स्मार्ट सिटी और पर्यावरण-अनुकूल शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी इसी तरह के वाटर मिस्ट सिस्टम लगाए जा सकते हैं।






