उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में योगी सरकार के मंत्री अनिल कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंत्री बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर विनोद कुमार से नाराजगी जाहिर करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि माफी मांगने के बावजूद युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, तो यह ठीक नहीं होगा। उन्होंने यहां तक कहा, “चीफ इंजीनियर साहब सुन लीजिए, अगर मुकदमा लिखवाया तो ठीक नहीं होगा।

पहली और आखिरी बार कह रहा हूं, ऐसा न हो कि मुझे दोबारा लठ लेकर बैठना पड़े।” जानकारी के अनुसार, नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की गांधी कॉलोनी स्थित गांधी वाटिका विद्युत फीडर पर ट्रांसफॉर्मर खराब होने से इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। बिजली विभाग की टीम ने शनिवार देर रात ट्रांसफॉर्मर बदलने का काम पूरा किया। हालांकि, रविवार सुबह बिजली सप्लाई बहाल करने के दौरान कुछ स्थानीय लोग फीडर पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। आरोप है कि इस दौरान लाइनमैन सुधीर को बंधक बना लिया गया और सरकारी कार्य में भी बाधा पहुंचाई गई। घटना के बाद अवर अभियंता रमनजीत सिंह की शिकायत पर नई मंडी कोतवाली पुलिस ने मोनू कुमार, आशु बालियान, अभिषेक त्यागी समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम के बीच मंत्री अनिल कुमार का वायरल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि मंत्री संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करने की बात कह रहे थे, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि अब अधिकारी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के दबाव में आए बिना अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं।






