अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और हेराफेरी का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने भगवान राम के नाम पर राजनीति की और अब मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
TMC का कहना है कि आस्था से जुड़े किसी भी संस्थान में पारदर्शिता सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। पार्टी ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। TMC ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी खुद को राम भक्तों की सबसे बड़ी हितैषी बताती रही, उसी के शासन में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर ऐसे आरोप सामने आना बेहद गंभीर है।
वहीं, BJP ने इन आरोपों को राजनीतिक हमला बताते हुए कहा कि विपक्ष बिना पूरी जांच के निष्कर्ष निकालने की कोशिश कर रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मामला जांच एजेंसियों के पास है और सरकार की मंशा साफ है कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। BJP ने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।
मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) अपनी जांच आगे बढ़ा रहा है। पुलिस ने इस प्रकरण में FIR दर्ज की है और कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियां बैंक लेनदेन, नकदी और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि कथित हेराफेरी की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल, यह मामला जांच के अधीन है और किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि अदालत या जांच एजेंसी के अंतिम निष्कर्ष के बाद ही तय होगी। ऐसे में राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच सबकी नजर अब SIT की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर हुई है।
SHIVANSHU PATWA






