उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। थाना सिकंदरा क्षेत्र में एक महिला पर अपने ही पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप लगा है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने न केवल परिवार बल्कि जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। आरोप है कि हत्या के बाद महिला करीब 45 दिनों तक पति की गुमशुदगी का नाटक करती रही और किसी को भी घटना की भनक नहीं लगने दी।
जानकारी के अनुसार, 26 मई 2026 को सुरेंद्र शर्मा नामक व्यक्ति की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना सिकंदरा में दर्ज कराई गई थी। शिकायत उनकी पत्नी रूबी और अन्य परिजनों की ओर से दी गई थी। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार सुरेंद्र की तलाश में जुटी रही, लेकिन जांच के दौरान धीरे-धीरे जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी पत्नी रूबी अपने पति के साथ लगातार होने वाले झगड़ों और कथित मारपीट से परेशान थी। इसी वजह से उसने पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि रूबी ने सुरेंद्र को 15 से 20 नींद की गोलियां खिला दीं, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने घर के बाथरूम में गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया और ऊपर से प्लास्टर कर दिया, ताकि किसी को शक न हो।
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब मृतक के भाई अनिल शर्मा को कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। उन्होंने देखा कि सुरेंद्र का एटीएम कार्ड उनकी गुमशुदगी के बाद भी इस्तेमाल किया जा रहा था और उससे कई लेन-देन किए गए थे। इस बात ने परिवार के संदेह को बढ़ा दिया। जब अनिल शर्मा ने रूबी से सख्ती से पूछताछ की और सच्चाई बताने को कहा, तो कथित तौर पर उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
परिजनों के मुताबिक, रूबी ने बताया कि उसने पति की हत्या कर शव को बाथरूम में दफना दिया है। यह सुनकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि घटना के बाद भी रूबी का व्यवहार बिल्कुल सामान्य था। वह लोगों से मिलती-जुलती रही और किसी को भी उसके ऊपर शक नहीं हुआ। पड़ोसियों के अनुसार, उसने कभी ऐसा संकेत नहीं दिया कि घर के अंदर इतनी बड़ी वारदात हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, रूबी और सुरेंद्र की दो बेटियां हैं। घटना से कुछ दिन पहले ही रूबी ने दोनों बच्चियों को अपने जेठ के साथ भेज दिया था। साथ ही अपनी सास को भी दूसरे घर भेज दिया गया था। परिवार के लोगों का कहना है कि उस समय किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।
एसीपी हरीपर्वत अमीषा ने बताया कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल इस घटना ने पूरे आगरा जिले में सनसनी फैला दी है और रिश्तों में बढ़ती हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






