‘यूपी में भी लागू होगा वक्फ संशोधन कानून’, मंत्री दानिश आजाद अंसारी के बयान से सियासत गरमाई
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने वक्फ बोर्ड के गठन को लेकर बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा कि केंद्र के वक्फ संशोधन कानून, 2025 (जिसे पहले वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के रूप में पेश किया गया था) के प्रावधानों के अनुरूप उत्तर प्रदेश में भी नया वक्फ बोर्ड गठित किया जाएगा, उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
नए वक्फ बोर्ड में सभी वर्गों को मिलेगा प्रतिनिधित्व
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि नए नियमों के तहत गठित होने वाले वक्फ बोर्ड में शिया, सुन्नी, पिछड़े और पसमांदा मुस्लिम समुदायों के साथ महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, उन्होंने यह भी कहा कि कानून के प्रावधानों के अनुसार बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को भी नामित किया जाएगा।
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मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है, ताकि वक्फ बोर्ड का संचालन अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से हो सके।
मोहसिन रजा ने किया समर्थन
भाजपा नेता मोहसिन रजा ने दानिश आजाद अंसारी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता लाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है, उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ संपत्तियों का वर्षों तक सही ढंग से प्रबंधन नहीं हुआ और कई मामलों में अनियमितताएं सामने आईं।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 1.27 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, जिनका अब तक समुचित ऑडिट नहीं हुआ, उनका कहना था कि जब सरकार ऑडिट की प्रक्रिया शुरू करती है तो कुछ लोग उसमें सहयोग नहीं करते।
समाजवादी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दिया हवाला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो चुकी है और कुछ पहलुओं पर कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है, उन्होंने कहा कि अंतिम न्यायिक स्थिति स्पष्ट होने तक राज्य सरकार को नई नियुक्तियों या संबंधित फैसलों में सावधानी बरतनी चाहिए।
मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी की प्रतिक्रिया
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी, उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुईं और कई स्थानों पर वक्फ की मूल भावना के अनुरूप काम नहीं किया गया, उन्होंने कहा कि यदि नई व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करती है तो वक्फ संपत्तियों के संरक्षण में सुधार संभव है।
वक्फ बोर्ड को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
दानिश आजाद अंसारी के बयान के बाद उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड के नए गठन और संशोधित कानून के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जहां भाजपा इसे पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की दिशा में कदम बता रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि इस विषय पर न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक पहलुओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।






