चित्रकूट समाचार: आगामी श्रावण मास एवं भाद्रपद अमावस्या मेले की तैयारियों को लेकर चित्रकूट के जिलाधिकारी ने शुक्रवार को रामघाट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और सुचारु व्यवस्थाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
रामघाट पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रामघाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय से पूरे किए जाएं।उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए—
- नदी में चैन लिंक (Chain Link) लगाने का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
- घाटों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
- सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह सक्रिय और कार्यशील रहें।
- पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम सुचारु रूप से संचालित किया जाए।
- घाट परिसर की स्ट्रीट लाइट एवं प्रकाश व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए।
स्थायी चैन लिंक लगने तक रस्सी और फ्लोटिंग ट्यूब की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि जब तक स्थायी चैन लिंक नहीं लग जाती, तब तक पूर्व वर्षों की तरह—
- मजबूत रस्सी
- फ्लोटिंग ट्यूब
की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे।
गहरे पानी वाले क्षेत्रों में लगाए जाएंगे चेतावनी बोर्ड

श्रद्धालुओं को संभावित हादसों से बचाने के लिए जिलाधिकारी ने नदी के गहरे हिस्सों में पर्याप्त संख्या में चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
इन बोर्डों पर स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा—
“आगे पानी गहरा है”
ताकि श्रद्धालु सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड, यूनिट-13, बांदा द्वारा रामघाट पर कराए जा रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
- फुट ओवर ब्रिज (Foot Over Bridge) की पेंटिंग जल्द पूरी की जाए।
- घाट पर लगाए जा रहे पत्थरों (स्टोन फिनिशिंग) का कार्य भाद्रपद अमावस्या मेले से पहले हर हाल में पूरा किया जाए।
सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि मेला व्यवस्थाओं को सफल बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और प्रत्येक जिम्मेदारी समय पर पूरी करें।उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि—
- श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले।
- स्नान एवं दर्शन की व्यवस्था सुगम हो।
- स्वच्छता एवं यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
- किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
श्रावण और भाद्रपद अमावस्या मेले का विशेष महत्व
चित्रकूट का रामघाट धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास और भाद्रपद अमावस्या के अवसर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु यहां पवित्र मंदाकिनी नदी में स्नान और भगवान राम की तपोभूमि के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी वजह से प्रशासन पहले से व्यापक सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारियों में जुटा हुआ है।






