गोरखपुर, 29 जुलाई। गुरु पूर्णिमा पर्व के अवसर पर आनुष्ठानिक कार्यक्रमों में व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन कर लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश दिए।
गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं लोगों के बीच पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार हर व्यक्ति की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और सभी की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाए। प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता को समयबद्ध और संतोषजनक समाधान मिले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं का प्रभावी समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को भी मुख्यमंत्री ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी व्यक्ति का इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद मरीजों के इलाज से संबंधित इस्टीमेट की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक धनराशि शीघ्र अवमुक्त कराकर मरीजों का उपचार कराया जा सके।
जनता दर्शन के दौरान कुछ महिलाएं अपने बच्चों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उन्हें आशीर्वाद दिया और चॉकलेट देकर उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार से बच्चे और उनके परिजन भी काफी प्रसन्न नजर आए। गुरु पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण पर्व के आनुष्ठानिक कार्यक्रमों की व्यस्तता के बीच भी मुख्यमंत्री द्वारा जनता दर्शन के लिए समय निकालना इस बात को दर्शाता है कि आमजन की समस्याओं का समाधान और उनकी सुनवाई सरकार की प्राथमिकता में है।






