उत्तर प्रदेश में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य का माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा के साथ स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और पुस्तकालय जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ आवास, भोजन, पाठ्य पुस्तकें, यूनिफॉर्म और खेल सामग्री भी मुफ्त दी जाती है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर भी मिल रहा है, जिससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का मंच मिल रहा है।
प्रदेश में वर्तमान में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं, जबकि करीब 19 नए विद्यालयों का निर्माण विभिन्न जिलों में कराया जा रहा है। इन विद्यालयों में हर साल 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश मिल रहा है। वर्ष 2017-18 में लाभार्थियों की संख्या 31,484 थी, जो 2026-27 में जुलाई तक बढ़कर 38,338 हो गई है।
सर्वोदय विद्यालयों में मिल रहे अवसरों का असर परिणामों में भी दिख रहा है। मिर्जापुर के मड़िहान स्थित सर्वोदय बालिका विद्यालय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में NEET की निःशुल्क आवासीय कोचिंग लेने वाली 34 छात्राओं में से 31 ने परीक्षा दी और 18 छात्राओं ने सफलता हासिल की।
सर्वोदय विद्यालयों में सामाजिक समावेशन के तहत आरक्षण व्यवस्था भी लागू है। अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए 60 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 25 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के लिए 15 प्रतिशत सीटें निर्धारित हैं। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी बच्चे की प्रतिभा आर्थिक परिस्थितियों की वजह से पीछे न छूटे और उसे बेहतर शिक्षा के साथ आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले।






