सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के किसान संदीप चौधरी की तीन साल की मेहनत अब देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। दुनिया के सबसे महंगे आमों में शुमार मियाजाकी आम की उनकी उपज ने न सिर्फ उन्हें नई पहचान दिलाई, बल्कि एक किलो आम की रिकॉर्ड कीमत ने भी सबको चौंका दिया है। गुजरात के सूरत के कारोबारी प्रवीण गुप्ता ने संदीप चौधरी से महज चार मियाजाकी आम, यानी करीब एक किलो आम, 2 लाख 11 हजार रुपये में खरीदे हैं। दावा किया जा रहा है कि भारत में पहली बार इस किस्म के आम के लिए किसी खरीदार ने इतनी बड़ी रकम चुकाई है।
इस सौदे की सबसे खास बात यह है कि प्रवीण गुप्ता ने यह आम अपनी मां को समर्पित करने के लिए खरीदा है। संदीप चौधरी के मुताबिक, शुरुआत में इस आम की कीमत 3.5 लाख रुपये तय हुई थी। लेकिन जब उन्हें पता चला कि खरीदार अपनी मां के लिए यह खास आम खरीदना चाहते हैं, तो उन्होंने कीमत घटाकर 2 लाख 11 हजार रुपये कर दी।
संदीप चौधरी ने करीब तीन साल पहले मियाजाकी आम की खेती शुरू की थी। उनका मानना था कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऐसी उच्च मूल्य वाली और विशेष फसलों पर भी ध्यान देना चाहिए, जिनसे कम क्षेत्र में अधिक आय अर्जित की जा सके। हालांकि, शुरुआत में जब उन्होंने मियाजाकी आम की खेती शुरू की तो कई लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। लोगों का कहना था कि आम की कीमत लाखों रुपये नहीं हो सकती, लेकिन संदीप ने अपने फैसले पर भरोसा बनाए रखा। आज उनकी मेहनत का नतीजा सामने है। मियाजाकी आम की इस बिक्री ने उनकी खेती को एक नई पहचान दी है। संदीप ने यह भी कहा है कि इस बिक्री से मिलने वाली रकम का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद में खर्च किया जाएगा।
मियाजाकी आम अपनी आकर्षक लाल-बैंगनी रंगत, खास स्वाद और पोषण गुणों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इसे कई जगह ‘सनशाइन मैंगो’ के नाम से भी जाना जाता है। इसकी दुर्लभता और सीमित उत्पादन के कारण बाजार में इसकी कीमत सामान्य आम की तुलना में कई गुना अधिक हो सकती है।
संदीप चौधरी का कहना है कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऑर्गेनिक खेती, उच्च मूल्य वाली फसलों और नई कृषि तकनीकों को भी अपनाना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि किसान केवल धान और गन्ने जैसी पारंपरिक फसलों तक सीमित रहेंगे, तो आय बढ़ाना चुनौतीपूर्ण होगा। खेती में विविधता लाकर और बाजार की मांग के अनुरूप नई फसलों को अपनाकर किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।
संदीप की कहानी उन किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई संभावनाएं तलाशना चाहते हैं। मियाजाकी आम की यह रिकॉर्ड बिक्री बताती है कि खेती में नए प्रयोग, धैर्य और मेहनत के दम पर किसान अपनी उपज को देश-दुनिया के बाजार में अलग पहचान दिला सकते हैं।






