बिहार में राजस्व विभाग का बड़ा एक्शन: 12 अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई शुरू, दो महीने में 82 पर गिरी गाज
बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 12 राजस्व अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है, विभाग ने कई अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र गठित किए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकने और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और विभागीय निर्देशों की अवहेलना के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है, उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के हितों से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
तीन अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र गठित
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, निम्न अधिकारियों के खिलाफ विभागीय आरोपपत्र गठित किए गए हैं—
- अरविंद कुमार, राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो, भू अर्जन कार्यालय, मुंगेर
- दीपक कुमार, अंचल अधिकारी, राघोपुर (वैशाली)
- वंदना कुमारी, तत्कालीन अंचल अधिकारी, बिस्फी (मधुबनी)
विभाग का कहना है कि इन अधिकारियों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।
पांच अंचल अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी
विभाग ने पांच अंचल अधिकारियों के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने सहित अन्य प्रशासनिक कार्रवाई भी की है, इनमें शामिल हैं—
- रजत कुमार वर्णवाल, अंचल अधिकारी, गोपालगंज सदर
- अमलेश कुमार, अंचल अधिकारी, एकमा (सारण)
- विश्वजीत नीलांकर, तत्कालीन अंचल अधिकारी, गोह (औरंगाबाद)
- अंशु कुमार सिंह, तत्कालीन अंचल अधिकारी, औरंगाबाद
- राजन कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, कल्याणपुर (समस्तीपुर)
चार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी
इसके अलावा विभाग ने चार अन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रखी है। इनमें शामिल हैं—
- उदय शंकर मिश्रा, तत्कालीन अंचल अधिकारी, रामनगर (पश्चिम चंपारण)
- रणभू ठाकुर, तत्कालीन अंचल अधिकारी, कुढ़नी (मुजफ्फरपुर)
- अंजली कुमारी, तत्कालीन अंचल अधिकारी, हाजीपुर (वैशाली)
- सुधीर कुमार ओंकारा, तत्कालीन अंचल अधिकारी, सासाराम
दो महीने में 82 अधिकारियों पर कार्रवाई
राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि पिछले दो महीनों के दौरान विभाग 82 अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है, इन मामलों में भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज में अनियमितता, सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और विभागीय निर्देशों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करना है, इसके लिए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा, विभाग का मानना है कि सख्त कार्रवाई से राजस्व प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी और आम लोगों को भूमि एवं राजस्व संबंधी सेवाएं अधिक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी.






