लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार सुबह से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि लगातार हो रही वर्षा के कारण कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और जनजीवन प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं।भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहेंगे।
लखनऊ में सुबह से बदला मौसम
राजधानी लखनऊ में सोमवार तड़के करीब तीन बजे से मौसम ने करवट ली। घने बादलों के साथ हल्की से मध्यम बारिश शुरू हुई, जो सुबह तक जारी रही।ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को बारिश के बीच सफर करना पड़ा। कई इलाकों में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा।
कानपुर में जलभराव से बढ़ी परेशानी
कानपुर में तेज बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। निचले इलाकों में जलभराव होने से वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।नगर निगम की टीमें जलनिकासी में जुटी रहीं ताकि यातायात सामान्य किया जा सके।
वाराणसी में बारिश के बीच बाबा के दर्शन
धार्मिक नगरी वाराणसी में बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सावन माह के चलते बड़ी संख्या में भक्त काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे।लगातार बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण कई घाटों की निचली सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बिजनौर में गंगा का जलस्तर बढ़ा
उत्तराखंड और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है।बिजनौर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। कई गांवों के संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
हाईवे पर यातायात प्रभावित
बिजनौर क्षेत्र के बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे के कुछ हिस्सों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ।सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी है।रविवार को इसी मार्ग पर एक एंबुलेंस बाढ़ के पानी में फंस गई थी, जिसे स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सुरक्षित निकाला गया।
फर्रुखाबाद में भी बढ़ा खतरा
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने लगा है।प्रशासन राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखते हुए लगातार नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहा है।
कई नदियां उफान पर
प्रदेश में गंगा, घाघरा, शारदा समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।मौसम विभाग के अनुसार यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रही तो आने वाले दिनों में नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
IMD के अनुसार निम्न जिलों में भारी बारिश की संभावना है—
- गोरखपुर
- सीतापुर
- लखीमपुर खीरी
- पीलीभीत
- बहराइच
- श्रावस्ती
- बलरामपुर
- कुशीनगर
- महाराजगंज
- बस्ती
- सिद्धार्थनगर
- देवरिया
- आजमगढ़
- मऊ
- बलिया
- वाराणसी
- मिर्जापुर
- सोनभद्र
इन क्षेत्रों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और जलभराव की आशंका भी जताई गई है।
प्रशासन की एडवाइजरी
लगातार बारिश और संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
इन बातों का रखें ध्यान:
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- जलभराव वाले रास्तों से वाहन न निकालें।
- नदी और नालों के किनारे जाने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
- मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।
किसानों के लिए राहत और चुनौती
बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा हो रही है वहां खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।कृषि विभाग ने किसानों को अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है।
अगले 48 घंटे रहेंगे महत्वपूर्ण
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे उत्तर प्रदेश के लिए बेहद अहम रहेंगे।यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कई जिलों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव टीमों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा है।






