भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह को अदालत से राहत मिलने के बाद कांग्रेस विधायक और अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट ने पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में विनेश ने अदालत के फैसले पर निराशा जताई और कहा कि महिला पहलवान इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देंगी, विनेश फोगाट ने अपने पोस्ट में लिखा कि महिला पहलवानों को सत्ताधारी दल के एक प्रभावशाली नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा, उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के दौरान कई लड़कियों पर दबाव बनाया गया और उन्हें अपने नाम वापस लेने के लिए डराया गया हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ महिला पहलवान अंत तक अपने आरोपों पर कायम रहीं और अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ती रहीं।
विनेश ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में दोष सिद्ध नहीं माना, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत से ही पूरा तंत्र और सरकार बृजभूषण शरण सिंह को बचाने में जुटे रहे, यह आरोप विनेश फोगाट का दावा है, जिस पर संबंधित पक्ष पहले भी इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
क्या है मामला?
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, पूरे प्रकरण ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया, हाल ही में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें राहत दी, अदालत का फैसला इस मामले का कानूनी निष्कर्ष है, हालांकि फैसले के बाद भी इस मुद्दे पर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा जारी है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि महिला पहलवानों की प्रस्तावित अपील पर उच्च अदालत में आगे क्या फैसला आता है, मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।






