बलिया में यूपी के इकलौते बसपा विधायक रहे उमाशंकर सिंह के अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। बलिया शहर के चिंटू पांडे चौराहे पर जैसे ही उनके पार्थिव शरीर के पहुंचने की सूचना लोगों को मिली, हजारों की संख्या में लोग सड़क के दोनों ओर जमा हो गए। हर कोई अपने प्रिय नेता की एक झलक पाने और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बेताब नजर आया।
उमाशंकर सिंह के अंतिम दर्शन के दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा। लोगों की आंखों में आंसू थे और हर चेहरे पर अपने जननेता को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। अंतिम विदाई देने पहुंचे लोगों ने उमाशंकर सिंह को गरीबों, जरूरतमंदों और आम जनता की आवाज बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की मदद की।
बलिया और पूर्वांचल की राजनीति में उमाशंकर सिंह की पहचान एक लोकप्रिय जननेता और विकास पुरुष के तौर पर रही। उनके निधन की खबर के बाद से ही बलिया समेत आसपास के जिलों में शोक की लहर है। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और नम आंखों से अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि दी।
जैसे ही उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर चिंटू पांडे चौराहे से गुजरा, पूरा इलाका नारों से गूंज उठा। लोगों ने “उमाशंकर सिंह अमर रहें” और “जब तक सूरज-चांद रहेगा, उमाशंकर सिंह का नाम रहेगा” जैसे नारे लगाए।
चौराहे पर उमड़ी भीड़ और लोगों की भावनाओं ने उमाशंकर सिंह के प्रति जनता के जुड़ाव की तस्वीर सामने रख दी। हजारों लोगों की मौजूदगी और नम आंखों से दी गई विदाई ने यह दिखाया कि उमाशंकर सिंह ने अपने राजनीतिक सफर में आम लोगों के बीच एक गहरी जगह बनाई थी।






