श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार और मेरठ जिला प्रशासन ने इस बार चिकित्सा व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाया है। पहली बार कांवड़ मार्गों पर 18 बाइक एंबुलेंस तैनात की गई हैं, जो भीड़भाड़ और संकरे रास्तों में भी तेजी से पहुंचकर श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार उपलब्ध करा रही हैं। गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने छह प्रमुख कांवड़ मार्गों पर बाइक एंबुलेंस की तैनाती की है। सकौती से मोहिउद्दीनपुर तक छह, सलावा झाल से सिवालखास पुल तक चार, जबकि दयावती मोदी एकेडमी से बेगमपुल, बेगमपुल से परतापुर, बेगमपुल से लोहिया नगर सब्जी मंडी और हापुड़ अड्डा से माछरा रोड तक दो-दो बाइक एंबुलेंस लगातार गश्त कर रही हैं।
बाइक एंबुलेंस में प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ, जीवनरक्षक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध है। सूचना मिलते ही टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचकर उपचार शुरू करती है और जरूरत पड़ने पर मरीज को सामान्य एंबुलेंस के जरिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जाता है।
कांवड़ियों की सुविधा के लिए मार्गों पर 32 हेल्थ कैंप भी स्थापित किए गए हैं, जहां चिकित्सक, दवाइयां, वैक्सीन कैरियर और जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। इसके अलावा जिले के 25 निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल इलाज मिल सके। एंटी स्नेक वेनम, डॉग बाइट इंजेक्शन सहित सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार भी रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। हेल्पलाइन पर सूचना मिलते ही संबंधित बाइक एंबुलेंस और मेडिकल टीम को तुरंत रवाना किया जाता है। सभी वाहनों में ईंधन और आवश्यक संसाधनों की अग्रिम व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
योगी सरकार के निर्देशों और जिला प्रशासन की निगरानी में तैयार की गई यह स्वास्थ्य व्यवस्था कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा कवच बनकर सामने आई है। त्वरित चिकित्सा सुविधा और तेज प्रतिक्रिया के कारण बाइक एंबुलेंस आपात स्थिति में कांवड़ियों के लिए सबसे भरोसेमंद सहारा साबित हो रही हैं।






