लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राष्ट्रीय लोकदल (RLD) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने अपने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह को भेजा है। रामाशीष राय के पार्टी छोड़ने के ऐलान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले RLD के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वह लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे। हालांकि, अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे वैचारिक कारणों का हवाला दिया है।
रामाशीष राय ने अपने त्यागपत्र के जरिए RLD से अलग होने की घोषणा की। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान को लेकर गहरी चिंता जताते हुए मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर सवाल उठाए। साथ ही धनबल और परिवारवाद को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। इस्तीफे में रामाशीष राय ने भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने किसानों और युवाओं की समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उनका कहना है कि इन सवालों को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गंभीरता से उठाए जाने की जरूरत है।
रामाशीष राय ने अपने इस्तीफे में ‘जाति तोड़ो, समाज जोड़ो’ का संदेश दोहराया। उन्होंने लोकतांत्रिक और सामाजिक मूल्यों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। अपने त्यागपत्र के अंत में उन्होंने लिखा ‘व्यक्ति से बड़ा दल, दल से बड़ा देश।’ इसी संदेश के साथ उन्होंने RLD की प्राथमिक सदस्यता और प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने का ऐलान किया। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश अध्यक्ष का पार्टी छोड़ना RLD के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। रामाशीष राय के लंबे समय से पार्टी से नाराज होने की बात सामने आती रही थी। अब उनके इस्तीफे से चुनाव से पहले पार्टी की प्रदेश इकाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।






