साहित्य की नगरी प्रयागराज में मंगलवार को ‘रंग दे बसंती’ अभियान की शुरुआत हुई। हिंदुस्तानी अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में युवा कवियों ने कविता, कला और संवाद के जरिए अपराध और माफिया संस्कृति के खिलाफ सकारात्मक संदेश दिया। अभियान का उद्देश्य युवाओं को भय और दबाव की संस्कृति से दूर रखते हुए उन्हें रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच उपलब्ध कराना है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में यह अभियान 14 अगस्त तक चलेगा।
आयोजकों के मुताबिक, नई पीढ़ी खासकर जेन जी के विचारों और भावनाओं को समझने के लिए रचनात्मक माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। प्रयागराज से शुरू हुए इस अभियान में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवा कवियों ने ओज और वीर रस की कविताओं के माध्यम से अपनी बात रखी। कार्यक्रम में अपराध और माफिया संस्कृति के खिलाफ काव्यात्मक विरोध के साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के संयोजक विश्वजीत शुक्ला ने कहा कि प्रयागराज ने साहित्य और चिंतन के माध्यम से देश को हमेशा नई दिशा दी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ‘रंग दे बसंती’ अभियान के जरिए युवाओं को अपनी बात कहने का मंच दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान की मूल भावना ‘बंदूक की जगह ब्रश और डर की जगह डायलॉग’ है।
कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के संक्षेप बरनवाल, मध्य प्रदेश के अभिषेक अवस्थी, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की आकांक्षा बुंदेला, बिहार के मोरारी मंडल, बलिया के बजरंग नाथ, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अभिजीत मिश्रा और डॉ. मृत्युंजय परमार ने कविताएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता गीतकार डॉ. विनम्र सेन सिंह ने की, जबकि अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक आचार्य शांतनु जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
डॉ. विनम्र सेन सिंह ने बताया कि 11 से 14 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न शहरों में कविता, कला, संगीत और संवाद से जुड़े आयोजन किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य युवाओं को भय और दबाव की संस्कृति के बजाय अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और संवाद से जोड़ना है।
अभियान के अगले चरण में 12 अगस्त को लखनऊ में ग्रैफिटी वॉल का आयोजन किया जाएगा। इसमें कलाकार माफिया संस्कृति के सामाजिक प्रभावों को भित्ति चित्रों के माध्यम से सामने रखेंगे। 13 अगस्त को मुजफ्फरनगर में कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित कॉमिक युवाओं के बीच वितरित की जाएगी और स्कूलों में संवाद सत्र होंगे।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अभियान के गीत ‘डर से आजादी’ को प्रदेश स्तर पर लॉन्च किया जाएगा। इसमें रैप, संगीत और डिजिटल कला को भी शामिल किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि प्रदेश के प्रमुख शहरों में होने वाले इन आयोजनों के जरिए युवाओं को सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रचनात्मक तरीके से रखने का अवसर मिलेगा।






