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FCRA बिल पर संसद में गरजे अखिलेश यादव, अल्पसंख्यकों को लेकर किया बड़ा दावा; रीजीजू ने किया पलटवार

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नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान बुधवार, 12 अगस्त को लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन यानी FCRA विधेयक, 2026 को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा ने इस विधेयक को विस्तृत समीक्षा और संभावित सुझावों के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए FCRA बिल को लेकर गंभीर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस बिल के खिलाफ पूरा विपक्ष है और आरोप लगाया कि इसके प्रावधान अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ हैं।

अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

लोकसभा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें काफी संघर्ष के बाद सदन में बोलने का मौका मिला। उन्होंने FCRA बिल पर सरकार को घेरते हुए कहा कि विपक्ष इस विधेयक का विरोध कर रहा है। अखिलेश ने सरकार से सवाल किया कि अब तक लाए गए विधेयकों में अल्पसंख्यकों से जुड़े हितों को लेकर सरकार का क्या रुख रहा है।

किरेन रीजीजू ने किया पलटवार

अखिलेश यादव के आरोपों पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने पलटवार किया। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि FCRA बिल में ऐसा कोई प्रावधान दिखाया जाए, जो अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो।रीजीजू ने विपक्ष पर अफवाह फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले धन के लिए कानून और नियम जरूरी हैं। सरकार का उद्देश्य विदेशी अंशदान को लेकर व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

संयुक्त समिति करेगी विधेयक की समीक्षा

लोकसभा में मंजूरी के बाद अब FCRA संशोधन विधेयक 2026 को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा जाएगा। समिति विधेयक के प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा करेगी और जरूरत के मुताबिक सुझाव देगी। इसके बाद विधेयक को लेकर आगे की संसदीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

FCRA बिल को लेकर संसद में हुई इस बहस ने एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव को सामने ला दिया है।

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