गोरखपुर, 18 अगस्त। राप्ती नदी में डूब रहे एक युवक के लिए गोरखपुर में तैनात 26वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत दल के जवान फरिश्ता बनकर पहुंचे। बाढ़ राहत प्रशिक्षण के दौरान युवक को नदी में छलांग लगाकर डूबता देख जवानों ने बिना समय गंवाए मोटरबोट से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कुछ ही देर में उसे सकुशल बाहर निकाल लिया। मामला नौसढ़ स्थित रामघाट का है। संतकबीरनगर के धनघटा निवासी उमेश कुमार ने मंगलवार शाम करीब छह बजे राप्ती नदी में छलांग लगा दी। युवक को गहरे पानी में डूबता देख मौके पर मौजूद 26वीं वाहिनी पीएसी का बाढ़ राहत दल तत्काल सक्रिय हो गया।
उस समय रामघाट पर पीएसी की बी टीम बाढ़ राहत प्रशिक्षण और ड्यूटी में तैनात थी। युवक को डूबता देख हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद ने मोर्चा संभाला और टीम के साथ मोटरबोट लेकर नदी में उतर गए। जवानों ने तेजी से युवक की तलाश शुरू की और बेहद कम समय में उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद युवक को आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। बताया गया कि उसकी स्थिति सामान्य है।
इस साहसिक रेस्क्यू अभियान में हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद के साथ कांस्टेबल संजय कुमार गौतम, कृष्णचंद मौर्य, रमेश यादव, मनोज शुक्ला, जितेंद्र कुमार, रवि गौतम और धीरेंद्र गोंड शामिल रहे। जवानों की तत्परता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की दलनायक और थाना राजघाट प्रभारी ने सराहना की।
उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में पीएसी जवानों को लगातार बाढ़ राहत और रेस्क्यू का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गोरखपुर की यह घटना बताती है कि प्रशिक्षण के दौरान हासिल की गई तत्परता और कौशल किसी की जिंदगी बचाने में कितना अहम साबित हो सकता है।
