उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, आध्यात्मिक स्थलों और प्राकृतिक खूबसूरती को एडवेंचर टूरिज्म से जोड़ने की पहल के तहत ‘द राइडिंग चैप्टर्स’ के दूसरे संस्करण का आगाज हो गया। 1090 चौराहे से 80 बाइकर्स का दल दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हुआ। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। इस दौरान लखनऊ के मुख्य विकास अधिकारी प्रफुल्ल कुमार शर्मा भी मौजूद रहे।
‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत आयोजित यह बाइक यात्रा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को नए पर्यटन सर्किट के रूप में सामने लाने की कोशिश है। बाइकर्स का दल सुल्तानपुर और जौनपुर होते हुए सारनाथ पहुंचेगा। इसके बाद यात्रा चुनारगढ़ की ओर बढ़ेगी, जहां ऐतिहासिक विरासत से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
गंगा नदी के किनारे स्थित चुनारगढ़ इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण है। शेरशाह सूरी से लेकर मुगल और ब्रिटिश काल तक के इतिहास का साक्षी रहा यह किला अपनी विशाल पत्थर की दीवारों, सामरिक महत्व और ऐतिहासिक स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटन विभाग का उद्देश्य ऐसे ऐतिहासिक स्थलों को एडवेंचर और अनुभव आधारित पर्यटन से जोड़ना है।
यूपीएसटीडीसी के एमडी आशीष कुमार ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित यात्रा व्यवस्था के कारण प्रदेश के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो रही है। ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के जरिए युवाओं को इतिहास, संस्कृति, प्रकृति और रोमांच से जुड़े ऐसे स्थलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो अब तक प्रमुख पर्यटन सर्किट से बाहर रहे हैं।
यात्रा के दूसरे दिन बाइकर्स काशी आनंदम से रवाना होकर शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेंगे। दर्शन और गंगा आरती के बाद दल देवदरी और राजदरी जलप्रपात की ओर बढ़ेगा। मानसून के दौरान घने जंगलों और हरियाली के बीच स्थित दोनों जलप्रपात अपनी पूरी खूबसूरती में नजर आते हैं। ऐसे में यात्रा का दूसरा दिन बाइकिंग के रोमांच के साथ प्रकृति और एडवेंचर टूरिज्म का अनुभव कराएगा।
पर्यटन विभाग के मुताबिक ‘द राइडिंग चैप्टर्स’ के पहले संस्करण का आयोजन लखनऊ से कालिंजर किले तक किया गया था। पहले संस्करण की सफलता के बाद दूसरे संस्करण के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के चुनारगढ़, सारनाथ, देवदरी और राजदरी जैसे स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। अभियान का लक्ष्य सड़क यात्राओं के माध्यम से प्रदेश की विरासत और अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाना है।