उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य लगातार तेज किए जा रहे हैं। राहत आयुक्त कार्यालय की 21 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 19 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 14 जिलों में 21 अगस्त को बाढ़ का प्रभाव दर्ज किया गया।
प्रदेश में अब तक 258 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। इनमें 92 गांवों में आबादी और कृषि दोनों प्रभावित हैं। 27 गांवों में कटान, 75 गांवों में जलभराव से आबादी प्रभावित और 91 गांवों में केवल कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वहीं 26 गांवों में संपर्क मार्ग कटने की स्थिति सामने आई है। प्रभावित 157 गांवों में राहत कार्य लगातार जारी हैं।
बाढ़ और जलभराव से ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 1.45 लाख आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और बाढ़ शरणालयों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। अब तक 1,905 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 13,611 लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं। जरूरतमंदों को राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार 15,561 पशु प्रभावित हुए हैं। इनके लिए पशु शिविरों के साथ उपचार और टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। अब तक 544 पशुओं का उपचार, 12,695 पशुओं का टीकाकरण और 22,636 क्विंटल भूसे का वितरण किया जा चुका है।
बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रदेश में 17,428.01 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसमें 8,452.88 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि, 3,903.16 हेक्टेयर बोया गया क्षेत्र और 62 हेक्टेयर कटान प्रभावित क्षेत्र शामिल है। किसानों को फसल क्षति की भरपाई के लिए अब तक 200.31 करोड़ रुपये का अनुदान वितरित किया जा चुका है।
राहत और बचाव अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1,599 नाव, 621 मोटरबोट और 1,315 स्थानीय गोताखोर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 12 एनडीआरएफ, 9 एसडीआरएफ और 7 पीएसी टीमों को भी मोर्चे पर लगाया गया है। खोज और बचाव कार्य के लिए 6,032 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, स्वास्थ्य और जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। अब तक 1,560 कम्युनिटी किचन और लंगर संचालित किए गए हैं। 762 मेडिकल टीमों के माध्यम से प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राहत के तहत 28,126 खाद्यान्न पैकेट, 17,424 डिग्निटी किट, 22,883.5 मीटर तिरपाल और 1,28,576 लीटर पेयजल वितरित किया गया है। इसके अलावा 35,153 ओआरएस पैकेट और 69,834 क्लोरीन टैबलेट भी उपलब्ध कराए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर राहत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 12,687 राहत चौपालें लगाई गई हैं। वहीं 6,704 प्रशिक्षित आपदा मित्र राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने के साथ सुरक्षित निकासी, स्वास्थ्य सेवाएं, भोजन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने पर है। योगी सरकार ने सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरतने और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।