रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में शुक्रवार को बेटियों के स्नेह, आत्मविश्वास और उम्मीदों की झलक देखने को मिली। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आईं स्कूली छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राखी बांधी, तिलक लगाया और उनके साथ खुलकर संवाद किया। छात्राओं ने शिक्षा, खेल, सोशल मीडिया, तकनीक और अपने भविष्य से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने भी उनकी बातों को आत्मीयता से सुना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं को चॉकलेट और ओडीओपी बैग उपहार में दिए। एक छात्रा के आग्रह पर उन्होंने उसकी पॉकेट डायरी पर संदेश भी लिखा। इस मौके पर प्रदेश के 75 जिलों की छात्राओं की वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गई, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और उन्हें राखी भेजने की बात कही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री आवास में जो दृश्य दिखाई दे रहा है, वह उत्तर प्रदेश में आए परिवर्तन की तस्वीर है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले बेटियों के सामने सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ी कई चुनौतियां थीं। कई अभिभावक बेटियों को स्कूल भेजने में भी चिंता महसूस करते थे और कई बार उनकी पढ़ाई रोकनी पड़ती थी या उन्हें घर से दूर हॉस्टल में भेजना पड़ता था।
योगी ने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है। प्रदेश की बेटियां सुरक्षित वातावरण में शिक्षा हासिल कर रही हैं और बिना किसी भय के मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीधे संवाद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों का इस तरह बेझिझक सवाल पूछना और अपने अनुभव साझा करना ही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी स्नातक तक की शिक्षा के लिए योजनाबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं की हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के जरिए बेटियों को सहायता दी जा रही है। छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिल रहा है और विवाह के समय मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से मदद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि स्नातक स्तर की 50 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 10 हजार थी, जो अब बढ़कर 45 हजार हो चुकी है। जल्द ही यह संख्या 50 हजार तक पहुंचने वाली है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार नए अवसर मिल रहे हैं।
कार्यक्रम में छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव भी साझा किए। पायनियर मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज की कक्षा आठ की छात्रा समृद्धि वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री से आमने-सामने मिलना उसके लिए ‘गोल्डन अपॉर्च्युनिटी’ है। उसने बताया कि वह बचपन से मुख्यमंत्री को टीवी पर देखती थी और रक्षाबंधन पर उनसे मिलने की उसकी इच्छा पूरी हो गई।
श्री गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज की कक्षा सात की छात्रा आयशा बानो ने मुख्यमंत्री से मिलकर खुशी जताई और उनका आशीर्वाद मांगा। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मलिहाबाद की छात्रा वैष्णवी पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री को टीवी पर देखकर उसके मन में भी उनकी तरह नेता बनने की इच्छा पैदा हुई। वैष्णवी हॉकी खिलाड़ी है और राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हो चुकी है।
इसी विद्यालय की छात्रा दिव्या ने बताया कि पहले उसके विद्यालय में कक्षा आठ तक पढ़ाई होती थी, लेकिन अब कक्षा नौ से 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा मिलने से वह काफी खुश है। वह फुटबॉल खिलाड़ी है और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है। कक्षा सात की छात्रा अंजावती सिंह ने भी मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उसने बताया कि वह हॉकी और कराटे में आगे बढ़ रही है। हॉकी में उसका राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ है, जबकि कराटे में वह राज्य स्तर पर कांस्य पदक जीत चुकी है।
संवाद के दौरान द संस्कृति स्कूल लखनऊ की कक्षा आठ की छात्रा श्रेयशी सिंह ने मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर सवाल किया। उसने पूछा कि सोशल मीडिया पर जब अच्छा और खराब दोनों तरह का कंटेंट मौजूद है तो विद्यार्थी अनावश्यक चीजों से बचकर पढ़ाई और अपने लक्ष्य पर ध्यान कैसे केंद्रित कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अच्छी सोच और स्पष्ट लक्ष्य जरूरी है। तकनीक आज के दौर की जरूरत है, लेकिन उसका इस्तेमाल आवश्यकता के अनुसार ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन डिजिटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी माध्यम है, लेकिन अगर इसकी निर्भरता इतनी बढ़ जाए कि सोचने-समझने और रचनात्मक क्षमता प्रभावित होने लगे तो इससे दूरी बनाना जरूरी है।
योगी ने बच्चों को स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय बिताने के बजाय अच्छी और प्रेरणादायी किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के अलावा अच्छी पुस्तकें पढ़ना और लिखने की आदत व्यक्तित्व और ज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि वह स्वयं भी बहुत कम समय स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं और जरूरत के महत्वपूर्ण विषयों के लिए ही इसका उपयोग करते हैं।
एक अन्य छात्रा श्रेजा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को वह कैसे संभालते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी की 25 करोड़ से अधिक आबादी चुनौती नहीं, बल्कि प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार ने युवाओं की स्किलिंग, रोजगार और प्रदेश के विकास को आपस में जोड़ने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ लोगों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को स्पष्ट नीति और मजबूत इरादे के साथ आगे बढ़ाने का परिणाम आज दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम में अटल आवासीय विद्यालय की कक्षा छह की छात्रा अग्रिमा ने भी मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और उनके साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उसकी इच्छा पूरी करते हुए उसके साथ फोटो खिंचवाई। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में 18 अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं, जहां बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
एनएस पब्लिक स्कूल की छात्रा सौम्या और कक्षा तीन की याशिका सोनकर ने भी मुख्यमंत्री से संवाद किया। याशिका ने कहा कि उसने मुख्यमंत्री को कई बार टीवी पर देखा है, लेकिन आज उनसे आमने-सामने बात करने का मौका मिला। उसने मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई और ‘जय हिंद-जय भारत’ के नारे के साथ अपनी बात पूरी की।
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री आवास में हुआ यह संवाद केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा। छात्राओं के सवाल, उनके सपने और मुख्यमंत्री की सीख ने कार्यक्रम को खास बना दिया। बेटियों का आत्मविश्वास और उनका बेझिझक संवाद कार्यक्रम में बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर के रूप में सामने आया।
