गोरखपुर, 30 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन के दौरान करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी के पास पहुंचकर उनकी बात सुनी और सभी को भरोसा दिलाया कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। हर समस्या का प्रभावी और न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।
गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने बारी-बारी से सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता, शीघ्रता और पारदर्शिता के साथ किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न होने पाए। पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जमीन पर अवैध कब्जे और कमजोर लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने या कमजोर व्यक्ति को उजाड़ने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की उम्मीद लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी को भरोसा दिलाया कि सरकार जरूरतमंदों के इलाज में हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिकित्सा सहायता से जुड़े मामलों में अस्पतालों से इलाज का इस्टीमेट जल्द प्राप्त कराकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए और प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराया जाए, ताकि जरूरतमंदों को समय से आर्थिक सहायता मिल सके।
जनता दर्शन में अपने परिजनों के साथ पहुंचे बच्चों से मुख्यमंत्री ने उनकी पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी दी।
जनता दर्शन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में अपनी पारंपरिक दिनचर्या के अनुसार गोशाला पहुंचकर गोसेवा भी की। इस दौरान उन्होंने गोशाला के गोवंश को अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाई। गोशाला में भोलू नाम का नंदी कुछ रूठा-रूठा नजर आया तो मुख्यमंत्री ने उसे खास तौर पर दुलारा। हाथ में गुड़-रोटी लेकर उन्होंने भोलू को पुकारते हुए स्नेहिल अंदाज में कहा, “कैसा हमेशा गुस्से में रहता है।” इसके बाद मुख्यमंत्री ने भोलू समेत अन्य गोवंश और गायों को भी गुड़-रोटी खिलाई और कुछ समय गोसेवा में बिताया।
