लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
नौ दिनों तक चलने वाले इस पुस्तक महोत्सव में देशभर के प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध हैं। महोत्सव में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत कई भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें पाठकों को देखने और खरीदने के लिए मिलेंगी। खास बात यह है कि गोमती पुस्तक महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।
20 सितंबर तक चलेगा गोमती पुस्तक महोत्सव
लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह पुस्तक महोत्सव 20 सितंबर तक चलेगा। आयोजन में करीब 121 प्रकाशकों ने 250 स्टॉल लगाए हैं।
इन स्टॉलों पर साहित्य, इतिहास, संस्कृति, राजनीति, शिक्षा और अन्य विषयों से जुड़ी किताबें उपलब्ध हैं। अलग-अलग भारतीय भाषाओं की पुस्तकों की मौजूदगी से पुस्तक प्रेमियों और विद्यार्थियों को विविध साहित्य तक पहुंच का अवसर मिलेगा।
स्क्रीन दुनिया दिखाती है, किताबें दुनिया समझने की ताकत देती हैं: संदीप सिंह
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने डिजिटल दौर में बढ़ते स्क्रीन टाइम पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तकनीक आज के समय में जरूरी है, लेकिन नई पीढ़ी का किताबों से दूर होना चिंता का विषय है।संदीप सिंह ने कहा कि “स्क्रीन हमें दुनिया दिखाती है, लेकिन पुस्तकें हमें दुनिया समझने की ताकत देती हैं।”उन्होंने युवाओं से स्क्रीन टाइम कम करने और नियमित रूप से किताबें पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इतिहास, साहित्य और राजनीति से जुड़ी पुस्तकों को पढ़ने से देश, समाज और भारतीय संस्कृति को समझने की क्षमता मजबूत होती है।
किताबें बच्चों में ज्ञान, विचार और संस्कार विकसित करती हैं
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि लखनऊ साहित्य, संस्कृति और कला की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। उनके मुताबिक, नौ दिवसीय गोमती पुस्तक महोत्सव नई पीढ़ी को किताबों, साहित्य और संस्कृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा ज्ञान की यात्रा की पहली सीढ़ी है और पुस्तक इस यात्रा में सहज एवं सशक्त साथी है।
संदीप सिंह के मुताबिक, किताबें बच्चों में सिर्फ ज्ञान ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि उनमें विचार, संस्कार, जिज्ञासा और कल्पनाशक्ति का भी विकास करती हैं। इससे बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में मदद मिलती है।
सीएम योगी के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कार्यक्रम से पहले पुलिस ने समाजवादी छात्र सभा और NSUI से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों को हिरासत में लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सदस्यों को देर रात हॉस्टल से हिरासत में लिया गया था। पुलिस-प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई विरोध की आशंका को देखते हुए की गई।
विश्वविद्यालय गेट पर छात्रों ने किया प्रदर्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर 2 और 3 के पास पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने ‘फीस वृद्धि वापस लो’ और ‘बंद हुए स्कूलों को चालू करो’ जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शन के दौरान NSUI के अहमद रजा समेत कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया। अहमद रजा ने कहा कि बंद किए गए स्कूलों को दोबारा शुरू करना और लखनऊ विश्वविद्यालय में बढ़ी फीस वापस लेना उनकी प्रमुख मांग है।
उन्होंने कहा कि छात्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता करना चाहते थे, लेकिन इसके बजाय पुलिस और प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
मंच पर अतिथियों का किया गया स्वागत
गोमती पुस्तक महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में सभी प्रमुख अतिथियों का स्वागत किया गया। हालांकि, मंच पर स्वागत के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के स्वागत को लेकर कुछ चूक भी सामने आई।
मंच पर अध्यक्ष मिलिंद मराठी अतिथियों का स्वागत कर रहे थे। इस दौरान संदीप सिंह के स्वागत से पहले मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी का स्वागत किया गया।
किताबों और डिजिटल दौर के बीच संतुलन पर जोर
गोमती पुस्तक महोत्सव के उद्घाटन के दौरान किताबों की उपयोगिता और डिजिटल दौर में पढ़ने की आदतों को लेकर चर्चा हुई। एक तरफ जहां तकनीक और स्क्रीन आज की जरूरत बन चुके हैं, वहीं बच्चों और युवाओं को पुस्तकों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
आयोजकों और वक्ताओं के मुताबिक, इस तरह के पुस्तक महोत्सव नई पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ साहित्य और संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी देते हैं।
गोमती पुस्तक महोत्सव की खास बातें
- स्थान: लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर
- अवधि: 9 दिन
- समापन: 20 सितंबर
- प्रकाशक: करीब 121
- बुक स्टॉल: करीब 250
- भाषाएं: हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत विभिन्न भारतीय भाषाएं
- एंट्री: पूरी तरह निशुल्क
- उद्घाटन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
