बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है, तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर रामविलास पासवान की जयंती और पुण्यतिथि पर राजकीय समारोह आयोजित करने की भी मांग की है, तेजस्वी यादव की यह मांग केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के बयान के एक दिन बाद सामने आई है, चिराग पासवान ने लालू प्रसाद, नीतीश कुमार और रामविलास पासवान को आदमकद प्रतिमाओं का हकदार बताया था।
शरद यादव और रघुवंश प्रसाद का भी किया जिक्र
तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव और पूर्व सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह को भी सम्मान देने की मांग की है, उन्होंने तीनों दिवंगत नेताओं को ‘राष्ट्रपुत्र’ बताते हुए कहा कि बिहार उनके योगदान का ऋणी है और उनके योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए, तेजस्वी यादव ने कहा कि जिन लोगों ने सामाजिक मुक्ति और बिहार के विकास के लिए काम किया, उनका सम्मान किया जाना चाहिए, रामविलास पासवान की प्रतिमा को लेकर तेजस्वी यादव की मांग ऐसे समय में आई है, जब चिराग पासवान के एक बयान के बाद बिहार की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है|
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चिराग पासवान ने कहा था कि नीतीश कुमार, लालू प्रसाद और रामविलास पासवान ने बिहार के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और तीनों नेता आदमकद प्रतिमाओं के हकदार हैं, चिराग के इस बयान पर बीजेपी की ओर से आपत्ति भी जताई गई, बीजेपी विधायक नीरज कुमार सिंह ‘बबलू’ ने लालू प्रसाद का जिक्र करते हुए कहा कि एक दोषसिद्ध व्यक्ति की प्रतिमा कैसे लगाई जा सकती है।
बिहार की राजनीति में फिर चर्चा में आए पुराने चेहरे
तेजस्वी यादव की इस मांग के बाद बिहार की राजनीति में रामविलास पासवान, लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के राजनीतिक योगदान को लेकर बहस तेज हो गई है, रामविलास पासवान ने वर्ष 2000 में लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की थी, वहीं शरद यादव और रघुवंश प्रसाद सिंह भी बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं, अब तेजस्वी यादव की मांग के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बिहार सरकार रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा और राजकीय समारोह को लेकर क्या फैसला लेती है।
