गोरखपुर: जिला कारागार गोरखपुर में क्षमता से अधिक बंदियों की समस्या को कम करने के लिए छह नई बैरकों का निर्माण कराया गया है। जेल की निर्धारित क्षमता 1,344 बंदियों की है, जबकि वर्तमान में 1,509 बंदी निरुद्ध हैं। ऐसे में कारागार में क्षमता से 165 अधिक बंदी हैं। नई बैरकों के शुरू होने के बाद जेल प्रशासन को अतिरिक्त आवासीय क्षमता मिलेगी और ओवरक्राउडिंग का दबाव कम होने की उम्मीद है।
छह नई बैरकों में से दो का निर्माण पूरी तरह पूरा हो चुका है। दोनों बैरकों में 60-60 बंदियों को रखने की क्षमता है। इस तरह इन दोनों बैरकों के शुरू होने पर 120 अतिरिक्त बंदियों के लिए रहने की व्यवस्था उपलब्ध हो जाएगी। तैयार बैरकों को जल्द ही जिला कारागार प्रशासन को हैंडओवर किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद बंदियों को यहां शिफ्ट किया जा सकेगा।वहीं, चार अन्य बैरकों का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है। अब इन बैरकों का निरीक्षण किया जाना है। इसके लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो बैरकों में निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं का जायजा लेगी।
निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन बैरकों को भी जेल प्रशासन को सौंपने की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।दरअसल, जिला कारागार में निर्धारित क्षमता से अधिक बंदियों की मौजूदगी के चलते अतिरिक्त बैरकों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नई बैरकों के निर्माण से बंदियों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के साथ जेल प्रशासन पर मौजूद अतिरिक्त दबाव को भी कम किया जा सकेगा।छहों बैरकों के पूरी तरह संचालन में आने के बाद कारागार की आवासीय क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। इससे मौजूदा ओवरक्राउडिंग की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और बंदियों के रहने की व्यवस्था भी पहले की तुलना में बेहतर हो सकेगी।
