उत्तर प्रदेश ने डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड (ई-केसीसी) के क्षेत्र में देश में नया रिकॉर्ड कायम किया है। प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक किसानों ने ई-केसीसी पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन किया है। महज आठ महीने में एक लाख आवेदन का आंकड़ा पार करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। करीब 95 हजार आवेदन के साथ कर्नाटक दूसरे और लगभग 42 हजार आवेदन के साथ हरियाणा तीसरे स्थान पर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी में नाबार्ड द्वारा संचालित डिजिटल केसीसी सुविधा का शुभारंभ किया था। इसके बाद प्रदेश में किसानों के बीच डिजिटल माध्यम से कृषि ऋण प्राप्त करने की इस सुविधा को तेजी से अपनाया गया। खासतौर पर लघु और सीमांत किसानों के लिए यह पहल कृषि ऋण तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।डिजिटल केसीसी की सुविधा से किसानों को कृषि ऋण के लिए बैंक शाखाओं के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है। किसान डिजिटल माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और ऋण प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत होने के साथ ही औपचारिक कृषि ऋण व्यवस्था तक उनकी पहुंच भी आसान हुई है।
सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा फरवरी में डिजिटल केसीसी सुविधा की शुरुआत किसानों को तकनीक के माध्यम से कृषि ऋण व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि शुरुआत के महज आठ महीनों में एक लाख से अधिक किसानों का आवेदन करना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के किसान डिजिटल कृषि सेवाओं को तेजी से अपना रहे हैं।डिजिटल केसीसी को कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और किसानों के लिए ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान केंद्रित योजनाओं के बीच डिजिटल माध्यम से कृषि ऋण की सुविधा का विस्तार किसानों को उनकी जरूरत के समय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है।उत्तर प्रदेश में एक लाख से अधिक किसानों का ई-केसीसी के लिए आवेदन करना प्रदेश की डिजिटल कृषि व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि के तौर पर सामने आया है। यह पहल विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को बैंकिंग एवं कृषि ऋण व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
