लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आयोजित ‘साधना शृंखला’ के शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की पिछली स्थिति और विकास की संभावनाओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है। यहां उपजाऊ भूमि, प्रचुर जल संसाधन और देश की सबसे बड़ी युवा कार्यशक्तियों में से एक मौजूद है। इसके बावजूद प्रदेश लंबे समय तक विपन्नता से जूझता रहा।
सीएम योगी बोले- यूपी में विकास की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा से उत्तर प्रदेश को भरपूर प्राकृतिक संसाधन मिले हैं। उपजाऊ जमीन, पर्याप्त जल संसाधन और बड़ी युवा आबादी प्रदेश की ताकत हैं। इन संसाधनों का सही इस्तेमाल करके उत्तर प्रदेश विकास के नए अवसर तैयार कर सकता है।
उन्होंने कहा कि इतने संसाधन होने के बावजूद प्रदेश लंबे समय तक अपनी क्षमता के अनुरूप विकास नहीं कर पाया और अपनी पहचान स्थापित करने के लिए संघर्ष करता रहा।
क्षमता निर्माण और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी पर उठाए सवाल
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की संभावनाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने के लिए क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत थी। उनके अनुसार, इन पहलुओं के अभाव ने प्रदेश की विपन्नता और अराजकता जैसी समस्याओं को बढ़ावा दिया।
मुख्यमंत्री के संबोधन में प्रशासनिक क्षमता को मजबूत बनाने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने की जरूरत पर जोर दिखाई दिया। बेहतर प्रशिक्षण, कार्यकुशलता और जवाबदेही के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
‘उत्सवपूर्ण प्रदेश को उपद्रवग्रस्त राज्य के रूप में स्थापित किया गया’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की पुरानी छवि पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्सवों और सांस्कृतिक विविधता के लिए पहचाने जाने वाले प्रदेश को लंबे समय तक उपद्रवग्रस्त राज्य के रूप में स्थापित कर दिया गया था।
उन्होंने अपने संबोधन के जरिए प्रदेश की संभावनाओं को उपलब्धियों में बदलने और विकास की दिशा में प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
मिशन कर्मयोगी के तहत क्षमता विकास पर जोर
मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आयोजित ‘साधना शृंखला’ सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता तथा क्षमता को बेहतर बनाने की व्यापक पहल से जुड़ी है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सक्षम, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने में मदद करना है।
मुख्यमंत्री के संबोधन का मुख्य संदेश यह रहा कि उत्तर प्रदेश के पास प्राकृतिक संसाधनों और युवा शक्ति की बड़ी क्षमता मौजूद है। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग, प्रशासनिक दक्षता और मजबूत इच्छाशक्ति प्रदेश की विकास यात्रा को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
