Yogi Government Expands Revenue Reforms in UP: Over 1.05 Crore Property Records Distributed, Farmer Registry Crosses 1.44 Crore.
घरौनी से किसानों की डिजिटल पहचान तक, योगी सरकार ने बढ़ाया राजस्व सुधारों का दायरा
उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग की भूमिका अब जमीन के रिकॉर्ड के रखरखाव तक सीमित नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रामीण परिवारों को आवासीय संपत्ति के दस्तावेज उपलब्ध कराने, किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने और सरकारी सहायता के भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में 1.05 करोड़ से अधिक घरौनियों का निर्माण और वितरण किया जा चुका है। वहीं, फार्मर रजिस्ट्री में 1.44 करोड़ से अधिक पंजीकरण पूरे हो चुके हैं। इन पहलों के साथ किसान दुर्घटना सहायता, जाति प्रमाणपत्र जारी करने और जनशिकायतों के निस्तारण की प्रक्रियाओं में भी सुधार किए जा रहे हैं।
ग्रामीण परिवारों को मिला आवासीय संपत्ति का दस्तावेज
स्वामित्व योजना के तहत घरौनी निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व सुधारों की प्रमुख पहल के रूप में सामने आया है। इसके माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र की आवासीय संपत्तियों की पहचान कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया जाता है।
विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक एक करोड़ पांच लाख से अधिक घरौनियों का निर्माण और वितरण किया जा चुका है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी आवासीय संपत्ति से संबंधित विवरण का आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
सरकार का जोर ग्रामीण संपत्तियों के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और परिवारों को उनकी संपत्ति से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने पर है।
फार्मर रजिस्ट्री में 1.44 करोड़ से अधिक पंजीकरण, यूपी देश में पहले स्थान पर
किसानों से संबंधित जानकारी को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री का विस्तार किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 1.44 करोड़ से अधिक पंजीकरण पूरे हो चुके हैं और इस उपलब्धि के साथ प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।
फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की पहचान और उनके विवरण को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यवस्थित करने में मदद मिलती है। इससे विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत पात्रता के सत्यापन और लाभार्थियों से संबंधित जानकारी तक पहुंच आसान हो सकती है।
सरकार के राजस्व सुधारों में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे किसानों से संबंधित रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित और डिजिटल बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ा है।
किसान दुर्घटना सहायता अब सीधे बैंक खाते में
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता राशि के भुगतान की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। पहले यह योजना बीमा कंपनी के माध्यम से संचालित होती थी, जबकि अब जिलाधिकारी के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में अंतरित की जाती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सहायता वितरण की प्रक्रिया को अधिक प्रत्यक्ष बनाना और पात्र लाभार्थियों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को सरल करना है।
जाति प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया होगी आसान
राजस्व सेवाओं को आम लोगों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जाति प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी जोर दिया गया है।
इसके तहत आधार से लिंक करने और परिवार के एक सदस्य का प्रमाणपत्र बन जाने के बाद अन्य पात्र सदस्यों के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया कम करने की व्यवस्था की गई है। इससे पात्र परिवारों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की परेशानी से राहत मिल सकती है।
इस पहल का उद्देश्य प्रमाणपत्र संबंधी सेवाओं को अधिक सुगम बनाना और प्रशासनिक प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना है।
IGRS से जनशिकायतों की निगरानी, मुख्यमंत्री कार्यालय भी कर रहा समीक्षा
जनशिकायतों के निस्तारण को प्रभावी बनाने के लिए जनसुनवाई पोर्टल यानी IGRS के माध्यम से शिकायतों की निगरानी की जा रही है। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर शिकायतों की क्रॉस-चेकिंग की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से भी शिकायतों के निस्तारण की निगरानी की जा रही है। इसका उद्देश्य शिकायतों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करना और निस्तारण प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाना है।
पारंपरिक राजस्व सेवाओं से डिजिटल व्यवस्था की ओर बदलाव
उत्तर प्रदेश में घरौनी निर्माण, फार्मर रजिस्ट्री, सीधे बैंक खाते में दुर्घटना सहायता और प्रमाणपत्र संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे कदम राजस्व सेवाओं के विस्तार को दर्शाते हैं।
इन पहलों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को संपत्ति के दस्तावेज उपलब्ध कराने, किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। जनशिकायतों की निगरानी को मजबूत करने का प्रयास भी इसी दिशा का हिस्सा है।
