उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव से पहले वोटर लिस्ट का बड़ा रिव्यू, सपा-बीजेपी आमने-सामने!

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    भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) का गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने का ऐलान किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।इस घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, “अगर चुनाव आयोग SIR कराना चाहता है तो उसे कर लेने दीजिए, लेकिन सवाल ये है कि आखिर इसकी मंशा क्या है? सरकार की नीयत साफ नहीं लग रही। वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

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    वहीं, बीजेपी ने इस कदम का स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा,निर्वाचन आयोग का फैसला पूरी तरह से सही है। वोटर लिस्ट में सिर्फ उन्हीं लोगों के नाम होने चाहिए जो इसके पात्र हैं। जो बाहरी लोग गलती से शामिल हो गए हैं, उनका चिन्हांकन होना जरूरी है। यह एक सकारात्मक और पारदर्शी कदम है।जानकारी के मुताबिक, SIR का दूसरा चरण अब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा — इनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार शामिल हैं।

    मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि

    • 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक प्रिंटिंग और ट्रेनिंग होगी,
    • 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक घर-घर जाकर हाउस एन्यूमरेशन फॉर्म भरे जाएंगे,
    • 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी,
    • 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी,
    • 31 जनवरी 2026 तक नोटिस फेज चलेगा,
    • और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) प्रकाशित की जाएगी।

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