बिहार में चुनावी रण अब गरमाता जा रहा है। हर पार्टी मतदाताओं को लुभाने के लिए वादों की लंबी लिस्ट लेकर सामने आ रही है। अब महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव भी अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसमें कई बड़े और जन-आकर्षक वादे शामिल होंगे।
तेजस्वी यादव के घोषणापत्र में शामिल हो सकते हैं ये बड़े वादे
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राजद नेता तेजस्वी यादव अपने घोषणा पत्र में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- हर घर नौकरी का वादा
- महिलाओं को हर महीने ₹2500 भत्ता
- स्वयं सहायता समूह में कार्यरत महिलाओं को ₹30,000 मासिक वेतन
- प्रति माह 200 यूनिट तक फ्री बिजली
- ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन ₹1500 प्रति माह
- भूमिहीन परिवारों को 3 से 5 डिसिमल जमीन
- कानून-व्यवस्था पर विशेष फोकस
- शराबबंदी कानून की समीक्षा
तेजस्वी यादव 28 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे घोषणा पत्र जारी करेंगे। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अशोक गहलोत के शामिल न होने की जानकारी मिली है।
बीजेपी ने किया पलटवार, बताया “कूड़ा घोषणापत्र”
तेजस्वी यादव के वादों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेता अजय आलोक ने कहा कि तेजस्वी यादव “ऐसी बातें कर रहे हैं जिनका अमल में आना नामुमकिन है।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा —
“हो सकता है कि वह अपने घोषणा पत्र में चांद को बिहार में उतारने की बात भी कर दें। देश में जहां 80 लाख सरकारी नौकरियां हैं, वहां ढाई करोड़ नौकरियां बिहार में कैसे दे देंगे?”
“जननायक नहीं, नालायक हैं महागठबंधन के नेता”— बीजेपी का तंज
बीजेपी ने महागठबंधन के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव दोनों “जननायक” बनने की दौड़ में हैं, लेकिन जनता सब जानती है। अजय आलोक ने कहा —
“राहुल गांधी ने खुद को जननायक बताया, तो तेजस्वी ने खुद को नायक कह दिया। दरअसल यह जननायक नहीं, बल्कि नालायक हैं जो झूठे वादों के सहारे जनता को गुमराह करना चाहते हैं।”
बिहार चुनाव में जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, सियासी पारा बढ़ता जा रहा है। तेजस्वी यादव का घोषणापत्र विपक्ष के लिए नया हथियार बनेगा या भाजपा के लिए एक और हमला करने का मौका — यह 28 अक्टूबर को स्पष्ट होगा।



