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माघ मेला: पीएसी जवानों की बहादुरी, यमुना में डूबती किशोरी को मौत के मुंह से निकाला बाहर

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प्रयागराज में तैनात 32वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने दिखाया अदम्य साहस, तत्परता से बचाई जान

लखनऊ।पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण द्वारा पुलिसकर्मियों को कर्तव्य पालन के दौरान मानवीय संवेदनशीलता एवं तत्परता के निरंतर निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। माघ मेला के दौरान प्रयागराज में तैनात पीएसी जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए यमुना नदी में डूब रही एक किशोरी की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की।

फ्लड ड्यूटी में तैनात बी दल के जवानों ने दिखाई सूझबूझ

सोमवार को जब माघ मेला में फ्लड ड्यूटी में तैनात बी दल (बाढ़ राहत) 32वीं वाहिनी पीएसी, लखनऊ की मोबाइल पार्टी गश्त पर थी। इस दल में आरक्षी सुधीर कुमार राय, उनके हमराह आरक्षी सौरभ सिंह साथ ही आरक्षी रामजग कुमार तैनात थे।

सेल्फी के दौरान फिसला पैर, यमुना में गिरी किशोरी

ड्यूटी के दौरान लगभग सायं 05:20 बजे, अरेल सेल्फी प्वाइंट के बाएं किनारे पर एक किशोरी निजी नाव के समीप खड़े होकर सेल्फी ले रही थी। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह यमुना नदी में गिरकर डूबने लगी।

जान की परवाह किए बिना जवानों ने लगाई नदी में छलांग

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पीएसी जवानों ने बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना यमुना नदी में छलांग लगा दी। त्वरित कार्रवाई और साहस का परिचय देते हुए जवानों ने किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

मौके पर मौजूद लोगों ने की पीएसी जवानों की सराहना

इस साहसिक कार्य के बाद मौके पर उपस्थित श्रद्धालुओं और आमजन ने पीएसी जवानों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। लोगों ने जवानों की तत्परता, साहस और मानवता के प्रति संवेदनशीलता को सलाम किया।

मानवीय पुलिसिंग का जीवंत उदाहरण

यह घटना माघ मेला–2026 के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस एवं पीएसी द्वारा अपनाई जा रही मानवीय पुलिसिंग का जीवंत उदाहरण है, जिसने एक किशोरी की जान बचाकर समाज में सुरक्षा और भरोसे का संदेश दिया है।

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