प्रयागराज। माघ मेले की पावन धरती पर भक्ति, संस्कृति और संगीत की त्रिवेणी एक बार फिर जीवंत हो उठी है। माघ मेले के सांस्कृतिक मंच पर ‘कला संगम’ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत के साथ ही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम में लोक कला, शास्त्रीय संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के पहले दिन भजन, कीर्तन और शास्त्रीय संगीत की सुमधुर प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को मंच पर सजीव करते हुए श्रद्धालुओं और दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई।
‘कला संगम’ कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय लोक कलाओं, शास्त्रीय विधाओं और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक समृद्धि से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम बन रहा है। कार्यक्रम के दौरान साधु-संत और पर्यटक उपस्थित रहे। मंच से प्रवाहित हो रही भक्ति और संगीत की त्रिवेणी ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। गा।


