देहरादून के हाथीबड़कला स्थित सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा शीतलहर को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे और प्रदेश में शीतलहर से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश में संभावित शीतलहर के प्रभावों को कम करने के लिए आपदा प्रबंधन की रणनीति, पूर्व तैयारी और समन्वय व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को शीतलहर से होने वाले जोखिमों, संवेदनशील क्षेत्रों और आवश्यक एहतियाती उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शीतलहर के दौरान कमजोर वर्गों, बुजुर्गों, बच्चों और जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में अलर्ट सिस्टम, राहत व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह सतर्क रखा जाए।
इस अवसर पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश भर में शीतलहर को लेकर चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि जिला और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सके।


